खराब राशन को दिखाता सुरियावां के अर्जुनपुर का कोटेदार।
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ज्ञानपुर/मोढ़। कालीन नगरी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की हालत खस्ता है। अब घटिया और समय पर कोटे पर राशन न पहुंचने की समस्या शुरू हो गई है। जिले की दर्जनों कोटे की दुकानों पर नवंबर का राशन बंट ही नहीं पाया। राशन कहीं पहुंचा ही नहीं। जहां पहुंचा वहां क्वालिटी खराब है। चावल में गेहूं मिला हुआ है तो गेहूं मिट्टी से भरा पड़ा है। भदोही तहसील क्षेत्र में संचालित की जा रही कोटे की दुकानों पर परिवहन कार्य में लगे ठेकेदारों की मनमानी से सड़े-गले और मिलावटी राशन पहुंचाने के कारण कोटेदार परेशान हो गए हैं। उनका कहना है कि इससे प्रतिमाह घाटा लग रहा है। कोरोना संक्रमण काल में राशन का उठान खाद्य एवं रसद विभाग और भारतीय खाद्य निगम ने ठेकेदारों को दुकानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी है। विभागीय अनदेखी के चलते ठेकेदार राशन का उठान गोदामों से बिना तौल कराए ही दुकानों तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे में खराब हो चुके राशन की गुणवत्ता न विभाग परख रहा है न ठेकेदार। सुरियावां विकास खंड के अर्जुनपुर गांव के कोटेदार जयबहादुर यादव ने आरोप लगाया कि इस बार मिला राशन कम होने के साथ ही मिलावटी और सड़ा-गला है। पूर्व के दिनों में विकास खंड डीघ, औराई, भदोही, अभोली में मामला प्रकाश में आने पर काफी हंगामा खड़ा हुआ था।
आपूर्ति निरीक्षक भदोही संगीता यादव ने बताया कि ठेकेदारों की लापरवाही सामने आई है। अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है। जिला विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।