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रंगभरी एकादशी आज, सजे शिवालय

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ज्ञानपुर। रंगभरी एकादशी को लेकर जिले के विभिन्न शिवालय सज गए हैं। मंदिरों की साफ-सफाई से लेकर सजावट मंगलवार शाम तक पूर्ण हो गई। बुधवार को श्रद्धालु गुलाल, अबीर भगवान भोले नाथ को चढ़ाकर होली की शुरूआत करेंगें। रंगभरी एकादशी का पर्व बुधवार को पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। रंगभरी एकादशी फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को कहा जाता है। इसे आमलकी एकादशी व्रत कहते हैं। रंगभरी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी की आराधना के साथ आंवले की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इसी एकादशी के दिन भगवान शिव मां पार्वती को पहली बार काशी में लेकर आए थे। इसलिए यह एकादशी बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। गोपीगंज नगर और आसपास के देवालयों को आकर्षण ढंग से सजाया गया है । दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालू मंगलवार शाम से मंदिर परिसर में पहुंच रहे । सुबह भूत भावन भोलेनाथ का पंच द्रव्य आदि से शृंगार कर अबीर-गुलाल अर्पित किया किया जाएगा। इस संबंध में गोपीगंज नगर के बाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति के रामकृष्ण खट्टू ने बताया कि रंगभरी एकादशी पर्व को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है आकर्षक विद्युत सजावट पूरे मंदिर परिसर में किया गया है। बुधवार सुबह बाबा का श्रृंगार पूजा-पाठ और महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसी क्रम नगर में ज्ञानपुर रोड चौराहे पर स्थित गोपेश्वर महादेव, बस स्टैंड स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, सोनिया तालाब स्थित सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर, तिलंगा गांव पांडव कालीन स्थित तिलेश्वर नाथ महादेव मंदिर, नगर के पड़ाव स्थित जोगी वीर महादेव मंदिर, अंजही मोहाल स्थित बाबा कबूतर नाथ मंदिर, ज्ञानपुर स्थित हरिहर नाथ मंदिर समेत जिले के सभी के शिवालयों को साफ-सफाई से लेकर सजावटी कार्य पूर्ण कर लिए गए है सुबह हर-हर महादेव के जयकारे से शिवालय गुंजायमान होगा। गोपेश्वर महादेव मंदिर के व्यवस्थापक सोनू अग्रहरि, मुक्तेश्वर महादेव के व्यवस्थापक सतीश ठठेरा ने बताया कि पर्व पर सुबह से ही श्रद्धालू देवाधिदेव की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ लग जाती है देर शाम तक देवालयों में अबीर गुलाल महादेव को चढ़ाने के बाद भक्त उत्साह से होली खेलते है।
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