सीतामढ़ी। लवकुश जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में धार्मिक एवं पौराणिक स्थल सीतामढ़ी में चल रहे श्रीराम कथा का समापन बृहस्पतिवार को हुआ।
कथा के अंतिम दिन मानस प्रवीण मनोज चतुर्वेदी शास्त्री ने कहा कि अयोध्या में 14 साल का वनवास, रावण वध और लंका विजय के बाद श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या लौटे। जैसे ही राम लौटे, पूरी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया। घर-घर दीप, बंधनवार, फूलों की सजावट हुई। कुलगुरु वशिष्ठ ने शुभ मुहूर्त निकालकर राज्याभिषेक का दिन तय किया। राम ने राज्याभिषेक के बाद भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और हनुमान को उचित सम्मान दिया। प्रजा को कर माफ किए और ऐलान किया कि अब से अयोध्या में रामराज्य होगा। इसीलिए आज भी रामराज्य को आदर्श शासन कहा जाता है।