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औराई/सुरियावां। आदर्श रामलीला कमेटी अमीरपट्टी औराई की ओर से सोमवार को आठवें दिन सेतु बांध रामेश्वर की स्थापना, अंगद रावण संवाद की लीला का मंचन किया गया। जबसे हनुमान लंका जलाकर रामा दल में पहुंचे वहां राक्षसों में हाहाकार मचा था। विभीषण निशाचरों की यह दशा देख रावण को समझाता है, किंतु घमंड में चूर रावण विभीषण की बातों पर ध्यान नहीं देता है और उसे लंका से निकाल देता है। प्रभु श्रीराम समुद्र के इस पार बैठकर आगे की रणनीति के लिए विचार-विमर्श करते हैं। जहां जामवंत एक बार रावण को समझाने का प्रयास करने की सलाह देते हैं। उसी समय रावण का छोटा भाई विभीषण रामादल में आ पहुंचा और प्रभु श्रीराम ने अपने हाथों से उसे तिलक लगाकर लंका का राजा घोषित कर देते हैं। तीन दिन विनय करने के बाद क्रोधित श्रीराम ने धनुष पर अग्निबाण चढ़ाई तो समुद्र प्रकट होकर कहता है कि प्रभु आपके प्रताप से मैं पल भर में सूख सकता हूं। पंडाल में बैठे लीला प्रेमियों ने जयकारा लगाया। इसी तरह रामलीला समिति सुरियावां की रामलीला में भी सोमवार को वृंदावन के कलाकारों ने अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद वध का मंचन किया। शुभारंभ डॉ. एमसी गुप्ता ने पूजन कराया। लीला में अंगद- रावण के बीच कंटीले संवाद का भरपूर आनंद आया। उधर रावण दरबार में विभीषण राम से युद्ध न करने की सलाह दे रहा था तो रावण उसे लात मारकर लंका से बाहर निकाल देता है। यहां से विभीषण निकलकर राम की शरण में चला जाता है, जहां श्रीराम विभीषण को राजा घोषित करते हैं। रावण के दरबार में अंगद पहुंचते हैं और धर्म दृष्टि का हवाला देकर रावण को युद्ध न करने की सलाह देते हैं। दोनों के बीच जमकर संवाद होता है। मेघनाद से युद्ध के दौरान लक्ष्मण को शक्तिबाण लग जाती है। हनुमान संजीवनी बूटी से लक्ष्मण को चेतना दि लाते हैं। युद्ध में कुंभकरण और मेघनाथ का वध हो जाता है। इस मौके पर नंदलाल गुप्ता, अवधेश उमर, अश्वनी साहू, प्रेमचंद्र, जयकुमार, नमन साहू, विवेक आदि उपस्थित रहे।