ज्ञानपुर (भदोही)। भारत से हजारों किमी दूर कैरेबियन देश त्रिनिदाद और टोबैगो में भी रामलला की जय होगी। वहां भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा। अयोध्या से मई 2025 में मूल मंदिर से रामलला की मूर्ति की प्रतिकृति वहां ले जाई गई थी। अब धीरे-धीरे सरकार के सहयोग से मंदिर निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। ब्रह्म विद्यापीठम के संस्थापक, वैदिक विश्वविद्यालय त्रिनिदाद एंड टोबैगो के कुलपति और श्रीराम संगठन त्रिनिदाद के सदस्य स्वामी ब्रह्म स्वरूपानंद (स्वामी ब्रह्मदेव) ने शुक्रवार को फोन पर संवाद न्यूज एजेंसी से अपनी खुशी साझा की। स्वामी ब्रह्म स्वरूपानंद ज्ञानपुर क्षेत्र के कारीगांव के मूल निवासी हैं। करीब तीन दशक पूर्व वह कैरेबियन धरती पर जाकर बस गए। उसके बाद से ही वह मॉरीशस, हालैंड संग कैरेबियन देशों में हिंदू धर्म एवं संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सालों का सपना अब जाकर पूरा हो रहा है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बनने के बाद वह स्वयं आए थे और करीब एक सप्ताह तक यहीं प्रवास किया। दोनों देशों की सरकारों के प्रयास से अब वहां रहने वाले हिंदू धर्म के लोगों के लिए विशेष सौगात मिली है। मई 2025 में रामलला की मूर्ति की प्रतिकृति का हजारों लोगों ने पहुंचकर स्वागत किया। जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद मंदिर निर्माण को बल मिला। उस दौरान प्रधानमंत्री स्वयं उनसे मिले। यहां की सरकार ने भी मंदिर निर्माण का समर्थन किया है। बताया कि यहां हिंदू आबादी अच्छी-खासी है और भगवान राम के प्रति आस्था पीढ़ियों से चली आ रही है। इसी आस्था को और मजबूत करने के लिए देश की राजधानी में राम मंदिर बनाने की तैयारी चल रही है। सरकार के निर्णय से यहां लोग जश्न मना रहे हैं। बताया कि मंदिर निर्माण ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ राम मंदिर (ओएफआरएम न्यूयॉर्क में स्थित) के सहयोग से हो रहा है। मंदिर निर्माण में त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय उच्चायुक्त डॉ. प्रदीप सिंह राज पुरोहित की अहम भूमिका है।