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Bhadohi News: दो अस्पतालों में टीकाकरण ठप, बैरंग लौटते हैं गर्भवती और बच्चे

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ज्ञानपुर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने के दावों के बीच कमियां भी विभाग की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल में साल भर और भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय में माह भर से गर्भवती महिलाओंं, बच्चों को लगने वाला टीकाकरण कार्य बंद है। टीका लगवाने के लिए गर्भवती महिला, बच्चों को लेकर अभिभावक भटकते हैं। महकमा के जिम्मेदार अधिकारी भी अनभिज्ञ बने हैं। अकेले एमबीएस में हर महीने 100 से 150 महिलाओं का प्रसव होता है। जन्म लेने के बाद बच्चों को 24 घंटे के अंदर टीका लगाया जाता है। पहला टीका एमबीएस में नर्स लगा देती है। इसके बाद अन्य टीका लगवाने के लिए परिजनों को भटकना पड़ता है। एमबीएस में करीब एक माह पहले एएनएम सेवानिवृत्त हो गई है। इसके बाद से यहां टीका नहीं लग रहा है। सौ शय्या अस्पताल में सीएमओ ने करीब साल भर पहले ही निर्देशित किया था कि टीकाकरण शुरू किया जाए। इसके बाद भी टीकाकरण शुरू नहीं हुआ। 100 बेड अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुनील कुमार पासवान ने बताया कि यहां अभी प्रसव नहीं होते हैं। क्योंकि व्यवस्थाएं नहीं है। एमबीएस के सीएमएस डॉ. आरके मौर्या ने कहा कि तीन अक्तूबर को एएनएम मंजू सेवानिवृत्त हो गई है। टीकाकरण का कार्य एएनएम करती है। चार नर्स हैं, जिनकी ड्यूटी लेबर कक्ष में लगाई गई है। प्रसव के 24 घंटे में बच्चों को पहला टीका नर्स लगा देती है। उच्चाधिकारी से एएनएम की मांग की गई है। गर्भावस्था का पता चलते ही टीटी-1 का टीका लगाया जाता है। पहली खुराक के चार सप्ताह बाद टीटी-2 लगता है। पिछले तीन साल में हुई गर्भावस्था में दो टीटी बूस्टर लगाए जाते हैं। वहीं जन्म के 24 घंटे के अंदर बच्चे को बीसीजी, हिपेटाइटिस बी, डेढ़ माह से ओपीवी वन, पेंटावेलैंट वन, रोटावाइरस वैक्सीन वन सहित बच्चों को 16 साल तक समय-समय पर टीका लगता रहता है।
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