इस दौरान बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, अराजकता, चेक वितरण में धांधली के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेेश सरकार किसानों, मजदूरों का शोषण कर रही है।
इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।
भाकपा के जिलामंत्री सुशील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार महंगाई रोकने में असफल साबित हुई। जमाखोर, वायदा कारोबारी बेखौफ होकर मुनाफा कमा रहे हैं।
जिले में मालिक बीड़ी मजदूरों का लगातार शोषण कर रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था खराब होने से आए दिन आपराधिक घटनाएं हो रही है।
इस दौरान औराई चीनी मिल चालू कर किसानों का बकाया देने, वायदा कारोबार पर रोक, मनरेगा मजदूरों को प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी संग 200 दिन का काम, ओलावृष्टि से नष्ट फसल का मुआवजा, जिले की बदहाल सड़कों का मरम्मत, काशी नरेश की भदोही जिले की 334 बीघे जमीन पर पुराने काश्तकारों का नाम दर्ज कराने, किसानों और मजदूरों को 55 साल बाद तीन हजार प्रतिमाह पेंशन, बुंदेलखंड में सूखे से त्रस्त किसानों को राहत देने, आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवार वालों को 20 लाख मुआवजा, साहूकारों और बैंक के कर्ज से किसानों को मुक्त करने, नगर पालिका भदोही में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराकर कार्रवाई आदि की प्रशासन से मांग की गई।
धरने में लालता प्रसाद सिंह, भूलाल पाल, रामसजीवन, हरिशंकर राय, शोभनाथ गौतम, कमलाशंकर यादव, जग नारायण, लाल मोहम्मद, नसरीन, राबिया, पंधारी यादव, शर्मिला सरोज, कमलाशंकर यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।