मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते भाकियू के सदस्य।
भारतीय किसान यूनियन (गैर राजनीतिक) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को नौ सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम हरिलाल को सौंपा। कहा कि किसानों को मुफ्त बिजली, पानी, खाद-बीज की सुविधा दी जाए। किसानों का बकाया कर्ज सरकार माफ करे।
भाकियू के जिलाध्यक्ष एके चौबे के नेतृत्व में शुक्रवार को दर्जन भर से अधिक पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में दिया। उसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। उनकी प्रमुख मांगों में चीनी मिलों पर किसानों के बकाए धन का भुगतान, औराई की बंद चीनी मिल को चालू कराने, सरकारी नलकूप और नहरों से नि:शुल्क सिंचाई, निजी नलकूपों की सिंचाई में बिजली बिल माफ, फसल बीमा की क्षतिपूर्ति किसान के व्यक्तिगत नुकसान का सर्वे कराकर दिया जाए।
गत वर्ष के वंचित किसानों को आपदा राहत का चेक वितरण, घड़रोज और छुट्टा मवेशियों से फसलों को बचाने के ठोस उपाय, उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता के लिए जिले में रैक प्वाइंट की व्यवस्था, गोपीगंज का कंबल कारखाना शीघ्र चालू कराने की मांग की गई। चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर अविलंब कोई निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन प्रांतीय स्तर पर आंदोलन के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन करने वालों में सुशील सिंह, घनश्याम, ब्रह्मदेव सिंह, अवधेश सिंह, नित्यानंद उपाध्याय आदि रहे।