मंगलवार को सुबह से लेकर शाम तक रुक-रुक कर हुई रिमझिम बरसात के चलते मौसम का मिजाज बदल गया। नगर के कई निचले इलाकों की कच्ची सड़कों पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया।
इससे सामान्य आवागमन प्रभावित हो गया। प्रोफेसर कॉलोनी की अर्द्धनिर्मित सड़क पर बरसात के कारण चलना मुश्किल हो गया। फिसलन और कीचड़ के कारण इस सड़क पर वाहनों का आना-जाना लगभग बंद हो गया।
जानकारी के अभाव में जो लोग उधर से गुजरे, उन्हें फजीहत झेलनी पड़ी। कुछ ऐसी ही स्थिति जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले नथईपुर मार्ग पर भी दिखी।
रिमझिम बरसात के कारण वायुमंडल में नमी बढ़ने से आर्द्रता का प्रतिशत भी बढ़कर 65 पर पहुंच गया। इसके चलते सुबह के गीले कपड़े शाम तक नहीं सूख सके।
मंगलवार को सुबह हुई तो आसमान में बादलों की धमक हो चुकी थी। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी हुई। हालांकि थोड़ी ही देर में बादल छंट गए और सूर्यदेव के दर्शन हो गए।
लेकिन, यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और थोड़ी ही देर में हवाओं के साथ उड़कर आए काले बादलों ने आसमान को ढंक लिया। दोपहर दो बजे तक देखते ही देखते बूंदाबांदी रिमझिम बरसात में तब्दील हो गई।
यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान सड़कों पर गुजरने वाले लोग छाता आदि का सहारा लेते दिखे। स्कूल जाने वाले-छात्राओं को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।