लगातार दो दिनों की बारिश से गलन में एक बार फिर इजाफा हो गया है। जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ ने लोगों की परेशानी दोगुना कर दिया है। ठंड से परेशान लोगों को बूंदाबांदी और बारिश से भी जूझना पड़ रहा है। ठंड से शुक्रवार को दो महिलाओं की मौत हो गई।
आसमान में छाए बादलों से भगवान भाष्कर का दो दिनों से दर्शन नहीं हो सका।
करीब एक माह तक कड़ाके की ठंड से परेशान लोगों को साल के अंतिम दिन बुधवार को राहत मिली।
दिन भर खिली धूप के चलते लोग ठंड से राहत महसूस किए लेकिन बृहस्पतिवार भोर से रूक-रूककर शुरू हुई बारिश दिन भर होती रही। शुक्रवार सुबह तक हुई बारिश दिन में थम गई लेकिन जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ठंउ से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी दिन भर आसमान में बादल छाए रहे इससे लोगों को भगवान भाष्कर का दर्शन नहीं हो सका।
कौलापुर संवाददाता के अनुसार, ठंड से बेरासपुर निवासी हीरामनी देवी (70) की मौत हो गई। बताया जाता है कि बृहस्पतिवार की रात में वह खाना खाकर सो गई।
सुबह देर तक नहीं उठी तो परिवार वाले कमरे में जाकर देखा तो वह मृत पड़ी थी। आशंका जताई जा रही है कि ठंड से उसकी मौत हो गई।
ऊंज संवाददाता के अनुसार, ऊंज गांव निवासी पोस्टमैन महेश यादव की पत्नी फूलपत्ती देवी (42) की ठंड लगने से मौत हो गई। बताया जाता है कि शुक्रवार सुबह शौच से लौटने के बाद अचानक उसकी तबियत खराब हो गई।
परिवार वाले इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसके पूर्व उसकी मौत हो गई।