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बारिश : आधे घंटे की राहत फिर उमस, कीचड़ और जलभराव से फजीहत

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पानी भरे गड्ढायुक्त मार्ग पर हरिहरपुर चौराहा के पास हिचकोले मारता सवारियों से भरा टैंपो।-संवाद।
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जिले में शुक्रवार की शाम चार से साढ़े चार बजे तक झमाझम बारिश हुई। ठंडी हवा चलने से लोगों को उमस से राहत मिली। बारिश रुकते ही तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ गया और उमस से लोग बेचैन हो गए। हालांकि रात तक आसमान में बादल छाए रहे। बारिश होने से मंडलीय अस्पताल के सामने, कलेक्ट्रेट परिसर और शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया। रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्का पोखरा, नयेपुरवा, अघौली, अर्जुनपुर, हरिहरपुर चौराहा आदि स्थानों पर कीचड़ से पैदल चलने वालों को दिक्कत हुई। आधे घंटे की बारिश ने जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोल दी। मौसम विशेषज्ञ ने चार दिन तक गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान व्यक्त किया है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस था। तापमान बढ़ने और नमी अधिक होने से दिनभर उमस बनी रही। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, भू-भौतिकी विभाग, बीएचयू वाराणसी ने चार दिन तक जिले में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम को देखते हुए खेती-के कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। नोडल अधिकारी प्रो. रविशंकर सिंह एवं तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह के अनुसार, इस अवधि में अधिकतम तापमान 28 से 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अधिकतम सापेक्ष आर्द्रता 80 से 95 प्रतिशत और न्यूनतम 53 से 82 प्रतिशत रहने की संभावना है। हवा की गति भी 6 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। धान के खेत में जल निकासी और मेड़बंदी मजबूत करने की सलाह दी। बारिश ने आदर्श नगर पंचायत कछवां की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। कुछ ही देर की बारिश में कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो हो गईं और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा। इससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सबसे अधिक चर्चा नगर पंचायत अध्यक्ष मिताली जायसवाल के आवास के सामने की रही, जहां नाली का गंदा पानी सड़क पर बहता नजर आया। ठाकुर प्रसाद मिल के पास और पुलिस चौकी के समीप भी नालियों का पानी सड़क पर फैल गया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में हर वर्ष बरसात के दौरान यही स्थिति बनती है। नगरवासियों ने नालियों की तत्काल सफाई और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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