तेज हवा और बारिश के बीच सोमवार को आकाशीय बिजली गिरने से जहां 17 मवेशी मर गए, वहीं महिला समेत दो चरवाहे झुलस गए। उन्हें समीप के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं दूसरी ओर करीब आधे घंटे की मूसलाधार बारिश से जहां खेतों मे पानी लग गया, वहीं फसल की कटाई एवं मंड़ाई पर भी संकट गहरा गया। खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल पूरी तरह भींग गई। अब किसान मड़ाई को लेकर चिंतित हो गए हैं।
कोईरौना थाना क्षेत्र के इटहरा के मनीपुर गांव में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से खेत में चर रहे 17 भेड़ एवं बकरियां मर गईं। इस दौरान दो चरवाहे जय देवी पत्नी जटाशंकर पाल व झगडू़ पाल भी झुलस गए। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। जनपद के गोपीगंज, जंगीगंज, सीतामढ़ी और धनतुलसी क्षेत्रो में करीब तीन बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई। आलम यह रहा कि सड़क के किनारे के अलावा खेतों में भी पानी भर गया।
खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल भींगने से किसान चिंतित हो उठे। फसल कटाई एवं मड़ाई का कार्य कई दिनों से चल रहा है लेकिन सोमवार को करीब आधे घंटे तक लगातार हुई तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी। आंधी बारिश से किसानों की फसल का पैदावार पहले से प्रभावित हुई है, उसके बाद फसल तैयार हो गई तो उसे काटकर मड़ाई करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि फसल भींग जाने के बाद मंडाई का कार्य कई दिनों के लिए रुक जाएगा।
उधर, बारिश के दौरान बीएसएनएल सीतामढ़ी के मोबाइल टावर पर आकाशीय बिजली गिरने से हजारों का नुकसान हो गया। इससे कुछ समय के लिए नेटवर्क भी प्रभावित रहा।