ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण काल में पूर्वोत्तर रेलवे सुरक्षा और संरक्षा के प्रति किसी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहता। अब प्रवासियों को लेकर आवागमन कर रहीं और आगामी दिनों के लिए ट्रेनों के कोचों में क्विक वाटरिंग सिस्टम से पानी भरकर समय बचाने की कवायद शुरू हो गई है। इससे बर्बाद होने वाले पानी को संरक्षित कर जल संरक्षण का कार्य भी किया जाएगा।
जानकारी देते हुए पीआरओ वाराणसी मंडल अशोक कुमार ने बताया कि नई तकनीक क्विक वाटरिंग सिस्टम से कोचों में पांच से 10 मिनट में पानी भर जाएगा, जो पूर्व में 20 से 30 मिनट का समय लेता था। प्रयोग के तौर पर सर्वप्रथम सिस्टम का प्रयोग मंडुआडीह जंक्शन और मंडल के मऊ स्टेशन पर शुरू किया जाएगा। प्रयोग सफल रहने पर अन्य खंडों पर चलने वाली दूरगामी और पैसेंजर आदि ट्रेनों में लगे कोच में पानी की उपलब्धता कराई जाएगी। क्विक वॉटरिंग सिस्टम के अंतर्गत 40 हॉर्स पॉवर के तीन बूस्टर पंप लगाए जाएंगे। प्रत्येक बूस्टर पंप के पानी का फ्लोरेट 200 मीटर क्यूब प्रति घंटा होगी। पूरी तरह से सिस्टम के ऑटोमैटिक ऑपरेशन वाले होंगे और एक पंप के चलते ही अन्य पंप भी स्वत: चालू हो जाएंगे, जिसका नियंत्रण रिमोट से होगा। पंप का सेक्शन एवं डिलीवरी क्षमता अधिक होने के कारण प्रेशर सेंसर भी लगे होंगे और स्पीड कंट्रोल, ऊर्जा की बचत के लिए वैरिऐबल फ्लो डिवाइस लगाए जाएंगे।