अहमदगंज गजिया में निर्माणाधीन ओवर ब्रिज जिस पर काम लगा हुआ है
- फोटो : BHADOHI
भदोही। नगर के अहमदगंज गजिया में निर्माणाधीन रेलवे ओवर ब्रिज में जब काम तेजी पर आया तो नई समस्या मुंह बाए खड़ी हो गई। निर्माण एजेंसी उप्र राज्य सेतु निगम पर अब लोगो ने आरोप लगाया है कि पहले उन्होंने सड़क से दोनो ओर नौ-नौ मीटर नापी कर लोगों की जमीन का मुआवजा दिया था। लेकिन अब वे एक मीटर बढ़ा कर नापी कर पुन: निशान लगा रहे हैं। बृहस्पतिवार को गजिया में निशान लगाने पहुंचे सेतु निगम के अधिकारियों को नागरिकों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। उधर विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी ने भी कहा है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
जानकारी हो कि यह ब्रिज वर्ष 2014 से बन रहा है। काफी काम तत्कालीन सपा सरकार के समय ही हो गया था। सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार में लोगों के मकानों का अधिग्रहण कर उन्हें मुआवजा दिया गया। और अब मुख्यमंत्री के पहल पर जब काम में तेजी आई है तो एक नई समस्या खड़ी हो गई है। गजिया के बाशिंदो का कहना है कि पहले तो सेतु निगम ने सड़क के बीच से दोनो तरफ नौ-नौ मीटर तक निशान लगाकर लोगों की भूमि ली। और सेतु निर्माण भी प्रारंभ करा दिया। अब जबकि सेतु के सभी खंभे बन चुके हैं और काम भी तेजी से शुरू हो गया है तो बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचे सेतु निगम अधिकारियों ने एक एक मीटर बढ़ा कर पुन: निशान लगाना शुरू कर दिया जिससे कईयों की नींद उड़ गई।
संजय गुप्ता, सुलतान राईन, पिंटू राईन आदि ने बताया कि पूर्व में लगाए निशान तक कई लोगों ने मकानों को तोड़ कर नए सिरे से अपना मकान बनवा लिया है। कई लोगों ने तो रंगाई पुताई भी करा ली है। अब यदि एक एक मीटर और लिया जाएगा तो गरीब कहा जाएंगे? इसको लेकर लोगों मे रोष व्याप्त हो गया। अधिकारियों से लोगों का वाद विवाद भी हो गया। प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, विवेक बरनवाल, पल्लू मोदनवाल, नंदलाल गुप्ता, सुशील गुप्ता, पप्पू राईन, रेयाज अहमद, गुलाम सरवर आदि ने कहा कि अब जो निशान लगाया जा रहा है वह लोगों के घरों के अंदर निशान लगाया जा रहा है। जबकि अब हम एक इंच भी जमीन नहीं देंगे। बाजार वासियों ने इसकी जानकारी विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी को भी दी है। विधायक ने लोगों को आश्वस्त किया है कि अब किसी की जमीन नहीं ली जाएगी तब लोगों का गुस्सा ठंडा हुआ। सेतु निगम के सहायक अभियंता एसएन यादव ने बताया कि हमने प्रारंभ में बीच सड़क से दोनो और नौ-नौ मीटर पर निशान लगाया था। सेतु निगम अभी भी उसी पर कायम है। हमें बीच सड़क से दोनो ओर केवल 9 मीटर ही चाहिए इससे अधिक नहीं। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।