पूर्व विधायक विजय मिश्र का एक लाख का इनामी बेटा विष्णु मिश्र 21 महीने से एसटीएफ को चकमा दे रहा था। कभी मुम्बई तो कभी हैदराबाद में रहता था। एसटीएफ ने जो जाल उसकी गिरफ्तारी के लिए बिछाया था वह भी काम नहीं आ रही थी। 21 महीने में 45 स्थानों पर छापेमारी के बाद तब जाकर कहीं उसकी गिरफ्तारी हुई। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जब स्थानीय पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी तो कई राज खुल सकते हैं। अब तक उसके बचकर रहने में किसी किसी सफेदपोश का भी हाथ बताया जाता है।
हालांकि इसकी पुष्टि पूछताछ के बाद ही होगी। पुलिस से जुड़े सूत्रों की मानें तो विष्णु मिश्र ने पुणे के हाई प्रोफाइल लोगों के बीच ही अपना फ्लैट लिया था। वहां किसी को यह पता न चल सके कि वह यूपी का एक लाख रुपये का इनामी है इसके लिए वह लोगों से बातचीत तक नहीं करता था। सुबह जब सोसाइटी के अन्य लोग काम पर निकलते थे उसी समय आगे या पीछे निकल जाता था। शाम को टहलने के बाद वापस फ्लैट में आ आता था।
उसे नवंबर 2021 में एक रिश्तेदार ने फ्लैट दिलाया था। वहां से पहले मुम्बई में रह रहा था। जब वहां छापा पड़ा तो भागकर हैदराबाद चला गया। इस बीच एसटीएफ ने 115 से ज्यादा लोगों से पूछताछ और 80 से ज्यादा लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगाया। तब जाकर उसकी गिरफ्तारी हुई। रिमांड पर लेकर जब स्थानीय पुलिस पूछताछ करेगी तब तक चलेगा कि आखिर उसका वहां संरक्षक कौन था।