वासंतिक नवरात्र के छठवें दिन आदिशक्ति के सातवें स्वरूप कालरात्रि की उपासना की गई। देवासुर संग्राम में दैत्यों का विनाश करने वाली जगत-जननी के इस स्वरूप की आराधना के लिए जिले के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर परिसर स्थित काली देवी मंदिर पर पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
चैत्र नवरात्र में चहुंओर हवन-पूजन के चलते वैदिक मंत्रोच्चार और देवीगीतों से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। जिले के नगरों में बड़ी संख्या में झंडे लगाए गए हैं। इससे कई नगर और गांव केसरियामय हो गए हैं। देवी के कालरात्रि स्वरूप की उपासना के लिए बुधवार की रात में बड़ी संख्या में देवीभक्तों ने जागरण किया। मंदिरों पर देवीगीतों का दौर चला। ज्ञानपुर नगर से लगे घोपइला देवी मंदिर पर दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान जयकारे से माहौल देवीमय हो गया था। सीतामढ़ी में भी हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। इसी तरह सुरियावां, औराई, भदोही, खमरिया, घोसिया, दुर्गागंज, मोढ़, जंगीगंज, ऊंज समेत जिलेभर के देवी मंदिरों पर पूरे दिन दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा।