मानसून की मेहरबानी से बेहतर पैदावार की उम्मीद को देखते हुए इस बार धान खरीद का लक्ष्य डेढ़ गुना बढ़ा दिया गया है। पिछल साल के मुकाबले अबकी सात हजार एमटी धान की खरीद ज्यादा की जाएगी। शासन ने जिले का खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 20 हजार एमटी कर दिया है। इसके लिए विपणन विभाग ने जिले में नौ क्रय केंद्र बनाए हैं। हालांकि क्रय केंद्रों पर बोरी समेत अन्य व्यवस्थाएं अभी नदारद हैं। ऐसे में निर्धारित तिथि एक नवंबर से खरीद शुरू हो पाना मुश्किल दिख रहा है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को अनाज मुहैया कराने और स्टॉक बढ़ाने के लिए सरकार हर साल गेहूं और धान के सीजन में किसानों से धान-गेहूं की खरीद करती है। दो से तीन माह तक चलने वाली खरीद के दौरान किसानों से अनाज लेकर उन्हें निर्धारित मूल्य पर दिया जाता है। इस साल एक नवंबर से शुरू हो रही धान खरीद के लिए जिले में नौ केंद्रों का निर्धारण किया गया है। इसमें विपणन के पांच और पीसीएफ के चार केंद्र निर्धारित हैं। धान की बंपर पैदावार को देखते हुए सरकार ने लक्ष्य को गत वर्ष की तुलना में डेढ़ गुना कर दिया है।
पिछले साल धान खरीद का लक्ष्य 13 हजार एमटी था, जबकि इस साल 20 हजार एमटी निर्धारित कर दिया गया है। पिछले साल मौसम की बेरुखी से धान खरीद लक्ष्य के आसपास भी फटक नहीं सका था।
13 हजार एमटी के मुकाबले मात्र सात हजार एमटी धान की खरीद हो सकी थी। प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी क्रय केंद्रों की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारियों की मनमानी से फसल बेचने वाले किसानों को मुश्किलें सहनी पड़ती हैं। खरीद शुरू होने में अब एक सप्ताह का समय बचा है, लेकिन केंद्रों पर बोरी समेत अन्य जरूरी सामान नहीं पहुंचे हैं। वहीं विभाग की ओर से 19 मिलर नामित किए गए हैं।