फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोक अदालत में 1270 मामलों का निस्तारण

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें न्यायालय, बैंकिग समेत विभिन्न विभागों के कुल 1270 मामलों का निस्तारण मौके पर किया गया। इससे 1500 लोग लाभान्वित हुए। मोटर दुर्घटना में मृतक आश्रितों को 54.90 लाख क्षतिपूर्ति दी गई तो प्री-लिटिगेशन में 1.75 करोड़ समझौता राशि तय की गई।
विज्ञापन

शनिवार को सुबह 10 बजे लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज अनिल कुमार ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया। इस मौके पर उन्होंने मोटर दुर्घटना के तीन मामलों में मृतक एवं घायलों के आश्रितों को 20 लाख क्षतिपूर्ति दिलाकर निस्तारित किया। अपर जिला जज प्रथम प्रकाशनाथ श्रीवास्तव ने मोटर दुर्घटना के एक मामले में तीन लाख 35 हजार और बिजली से जुड़े आठ मामलों का निस्तारण कर 35 हजार अर्थदंड निर्धारित किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रभाकर राव ने शादी-विवाह के नौ मामले, अपर जिला जज द्वितीय शंभूनाथ ने सिविल के एक को निस्तारित किया। अपर जिला जज तृतीय सभाजीत यादव ने मोटर दुर्घटना के दो मामलों में 22 लाख क्षतिपूति दिलाई। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय आनंद प्रकाश ने मोटर दुर्घटना के दो मामलों में नौ लाख 55 हजार दिलाया, जबकि सिविल का एक वाद निस्तारित किया। सीजेएम आलोक कुमार ने आपराधिक के 152 मामलों में 41 हजार 360 अर्थदंड तय किया। सिविल जज आशुतोष द्वितीय ने तीन व्यावहारिक वाद, सिविल जज दीपकनाथ सरस्वती ने दीवानी के छह वाद और अपर सिविल जज पवन चौरसिया ने दीवानी के दो मामलों का निस्तारण किया। जेएम प्रथम प्रभाष कुमार त्रिपाठी ने आपराधिक के 75 मामले में 11 हजार 150 अर्थदंड निर्धारित किया। इसी तरह राजस्व न्यायालयों की ओर से 674 मामले निस्तारित किया गया। निस्तारित वादों से 1500 व्यक्ति लाभान्वित हुए। जिला जज के निर्देश पर नोडल जज शंभूनाथ की देखरेख में बैंक के एनपीए और लोन रिकवरी के मामलों का निस्तारण प्री-लिटिगेशन स्तर पर करने के लिए पीठ गठित की गई। इसमें पीठ ने 322 मामलों का निस्तारण करते हुए एक करोड़ 75 लाख समझौता राशि तय की। इस मौके पर प्राधिकरण के प्रभारी सचिव आशुतोष, डिबाए अध्यक्ष रामचंद्र पांडेय, महासचिव शशि कुमार पांडेय समेत कई न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें