जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
शरीर को झुलसा देने वाली लू और गर्मी से लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मौसम के तल्ख के साथ बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। हीट स्ट्रोक और डायरिया के मरीजों से सरकारी और निजी अस्पताल पट गए हैं। शुक्रवार को शाम पांच बजे तक उल्टी-दस्त और डायरिया के 50 मरीज केवल जिला अस्पताल में भर्ती हुए, जबकि ओपीडी में रिकार्ड 1120 पर्चियां कटीं।
अप्रैल की शुरुआत से ही कहर बरपा रही गर्मी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। गत एक पखवारे से तापमान 42-43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। इस बीच लू के थपेड़ों और उमस में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक आसमान से मानो आग बरस रही है। गर्मी और उमस के बीच शादी-ब्याह के मिलावटी भोजन सेहत पर भारी पड़ने लगा है। लिहाजा हल्की सी भी असावधानी के चलते उल्टी-दस्त, डायरिया की चपेट में आकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। दोपहर में चल रही लू से बचने में कोताही बरतने पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों हीट स्ट्रोक और उल्टी-दस्त के मरीजों की तादाद बढ़ गई है।
शुक्रवार को महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में डायरिया के लगभग 50 मरीज भर्ती हुए, जबकि 1120 पर्ची काटी गई। सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक बाल रोग विशेषज्ञ, इमरजेंसी में मरीजों की भारी भीड़ रही। बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। दवा की दूकानों पर भी मरीजों की भीड़ दिखी। डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि गर्म मौसम के बीच खानपान में लापरवाही बरतने पर उल्टी दस्त और डायरिया हो रहा है। खाना कम खाने और पानी अधिक पीने की सलाह दी।