इसको लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को शहर कोतवाल अजय श्रीवास्तव ने कोतवाली में पूजा समितियों के पदाधिकारियों संग बैठक कर विचार विमर्श किया। इस दौरान कोतवाल ने लोगों से प्रतिमा विसर्जन और दुलदुल के जुलूस के लिए सहयोग देने की अपील की।
कोतवाल अजय श्रीवास्तव ने कहा कि 22 अक्टूबर को प्रतिमाओं का विसर्जन होना है और चूंकि उसी दिन मोहर्रम की आठवीं का दुलदुल का जुलूस भी निकलना है, इसलिए हमें समयबद्ध होकर दोनों समुदायों के कार्यक्रमों को पूरा कराना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की मंशा है कि सभी प्रतिमाएं शाम चार बजे तक लिप्पन तिराहे से आगे बढ़ जाएं। कहा यह तभी संभव होगा, जब सभी का सहयोग मिले। उन्होंने साफ किया कि पटाखा फ़ोड़ने, डीजे बजाने पर रोक है, मदिरा का सेवन करके जुलूस में न आएं। बताया कि तीन अक्टूबर को दोपहर 2.30 बजे कोतवाली में ताजियादारों और अखाडेदारों के साथ बैठक है, जबकि पांच अक्टूबर को दोपहर तीन बजे डीएम एसपी नगर के संभ्रांत लोगों के साथ कोतवाली में बैठक करेंगे। बैठक में विनीत बरनवाल, सुभाष मौर्य, अशोक जयसवाल, प्रिंस गुप्ता, भरत जयसवाल, आनंद गुप्ता, कमलेश जयसवाल, मंगल साहू, दीपक बजाज, आलोक विश्वकर्मा, संदीप श्रीवास्तव, प्रिंस जायसवाल, अनिल मौर्य, अशोक गौतम, दिलीप गौतम, राजेंद्र यादव, मुन्ना चौहान, संजय सोनकर, रमेश चौहान, कमलेश पांडेय आदि मौजूद रहे।