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कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन

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कलेक्ट्रेट परिसर में कृषि विरोधी कानून के विरोध में धरना देते प्रमासपा के कार्यकर्ता। - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बुधवार को प्रगतिशील मानव समाज पार्टी ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन कर कृषि विरोधी कानूनों को वापस लेने की मांग की। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्री मांगपत्र डीएम को सौंपा।
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जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार बिंद के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जनहित में कोई ऐसा कदम नहीं उठाया कि आम लोगों को राहत मिल सके। पूंजीपतियों के इशारे पर नीतियां तैयार की जा रही है। परिणाम यह है कि गरीब, मजदूर, किसान, व्यापारी कभी नोटबंदी तो कभी लॉकडाउन के नाम पर शोषण के शिकार हो रहे हैं। कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाले कानूनों को सदन में पारित कर उन्हीं लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है जिनका इस क्षेत्र से कोई वास्ता नहीं है। बेरोजगार, युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। व्यापारी वर्ग पेट्रो पदार्थों में बढ़ोतरी का सामना करने के लिए विवश हैं और गरीब जनता मंगाई की आग से झुलस कर भूखे सो रहे हैं। छात्र-छात्राओं, समुदाय को आरक्षण न मिलने से तरक्की के लिए तरस जा रहे हैं, योजनाओं के नाम पर अफरशाही भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। कानून के नाम पर जंगलराज कायम है। किसान हित में कृषि कानूनों को वापस लेने, किसानों को रियायती दर पर बिजली, खाद-बीज देने, केवट, बिंद, निषाद, मल्लाह, धीवर, ढीमर, मछुआ, मांझी, बाथम, तुरैहा, कहार, भर, राजभर जातियों-उपजातियों का आरक्षण 35 फीसद बढ़ाने, महिलाओं-युवाओं के मजबूत कानून, गरीबों-मजदूरों को नि:शुल्क आवास, स्वास्थ्य, बिजली नि:शुल्क करने, दोहरी शिक्षा प्रणाली का बाजारीकरण रोकने, प्रदेश में शराब पर पूर्ण रोक, पिछड़े वर्ग की जातीय जनगणना, छात्राओं को सुरक्षा देने पर बल दिया। इस मौके पर विपिन सिंह, शिवमंगल बिंद, रामशिरोमणि मौर्य, राहुल बिंद, नंदलाल बिंद, श्यामलाल बिंद, प्रेमचंद वनवासी आदि शामिल रहे।
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