ज्ञानपुर। जिले के करीब एक लाख 84 हजार उपभोक्ताओं के घर बिजली पहुंचाने के लिए विद्युत विभाग ने कई इंतजाम किए हैं। कहने को तो हर जगह बिजली के तार हैं, खंभे हैं, लेकिन हकीकत में उनकी स्थिति ठीक नहीं है। कहीं जर्जर तार और टेढ़े खंभे के सहारे करंट दौड़ाया जा रहा है तो कहीं लकड़ी के खंभे पर तार खींचकर घर-घर को रोशन करने का प्रयास किया गया है। ये तार अक्सर टूटकर गिरते हैं, जिससे हादसे भी होते हैं। सबकुछ देखकर भी विभागीय अधिकारी मौन साधे हैं। उन्हें वीरैम्प्ड योजना से धन मिलने का इंतजार है। विद्युत विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि करीब डेढ़ साल पहले जर्जर तारों को बदलने, खंभों को ठीक कराने, उपकरणों को दुरुस्त कराने के लिए प्रस्ताव बनाया गया था। जिले के दो डिवीजन को मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी तैयार हुआ, लेकिन वह भी ठंडे बस्ते में चला गया। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि जब धनराशि मिलेगी तभी काम हो सकता है। जहां कहीं घटनाएं होती हैं तो उसे किसी तरह से बनवाया जाता है। विद्युत विभाग के जिले के प्रथम वितरण खंड भदोही में 13 उपकेंद्र, वितरण खंड ज्ञानपुर-गोपीगंज में 17 उपकेंद्र, तीसरा वितरण खंड ठठरा-वाराणसी है जो औराई ब्लाक के पूर्वी छोर स्थित गांवों को समेटते हुए तटवर्ती गांवों को संतृप्त करता है। ठठरा से तटवर्ती गांव में आपूर्ति समस्या की देखरेख उप खंड अधिकारी गोपीगंज के अधीन है। जर्जर तारों की वजह से जिले में घटनाएं भी हो चुकी हैं। बीते माह महराजगंज इलाके में बिजली का तार टूटकर गिरा था। उसे हटाते समय एक व्यक्ति करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। उसके कुछ ही दिन के बाद गोपीगंज थाना क्षेत्र में जंफर टूटने के कारण करंट स्टे वायर में उतर गया था। उसी समय ट्यूबवेल की टंकी में नहाते समय दो किशोरों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही गर्मी के दिनों में फसल जलने की भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। औराई उपकेंद्र के उपभोक्ता इजहार ने बताया कि माधोसिंह में लटकते जर्जर तार, कम ऊंचाई वाले फाउंडेशन पर रखे ट्रांसफार्मर को विभागीय अधिकारी-कर्मचारी देखकर जाते है। जर्जर तार नहीं बदले जा रहे हैं। जो हल्की हवा चलने, बारिश की बूंदे गिरने से शार्टसर्किट का रुप लेकर अनहोनी का कारण बनते हैं। रजनी देवी ने बताया कि शहरी आवास के बगल में विकास भवन के पास लटकते तारों केे नहीं दुरुस्त किया गया। आवास के पास टेढ़े खंभे ठीक नहीं हुए। सुरियावां-मलेपुर निवासी कैलाश, इंदल, जयशंकर, मुन्ना, अमिताभ, मुन्ना, लालजी, मोनू ने बताया कि निमकौड़िया तालाब के दुर्गागंज-भदोही मार्ग पर खंभा एक वर्ष से लटका है जो कब गिर जाएगा कोई नहीं जानता। दुर्गागंज के कुढवां निवासी मनीलाल ने बताया कि ट्रांसफार्मर से बस्ती में आपूर्ति के लिए लकड़ी का खंभा एक वर्ष से लगा है जो सड़ चुका है।जर्जर तारों, टेढ़े खंभे को ठीक कराने के लिए बजट का इंतजार है। वीरैम्प्ड योजना से धनराशि मिलने की उम्मीद है। जहां तार बांस-बल्ली के सहारे तार खींचा गया है उसके बारे में भी जानकारी की जाएगी। - इं. अशोक कुमार, अधीक्षण अभियंता