ज्ञानपुर। तहसील क्षेत्र के गोधना गांव में 50 काश्तकारों की जमीन के क्रय-विक्रय पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने रोक लगा दिया है। करीब एक दशक पूर्व राजस्व परिषद के आदेश पर अब जाकर डीएम की मुहर लगी है। उप निबंधक ज्ञानपुर को पत्र जारी कर संबंधित खतौनी की जमीनों का क्रय-विक्रय न कराने का निर्देश दिया गया। बाबूसराय से लेकर ऊंज तक हाइवे से सटी जमीनों की कीमत करोड़ों में है। भूमाफिया जमीनों के कागजात में हेरफेर कर उसे बेच देते हैं। जिसमें नवधन और गोधना गांव में पूर्व में कई बार जमीनों के पट्टा आवंटन से लेकर क्रय-विक्रय में गड़बड़ी मिल चुकी है। साल भर पूर्व दर्जन भर से अधिक अवैध पट्टों को निरस्त भी किया गया था। 26 जून 2009 को राजस्व परिषद की ओर से गोधना गांव में 50 से अधिक खतौनी को तथाकथित एवं फर्जी मानते हुए क्रय-विक्रय पर रोक लगाने का आदेश दिया था। उक्त मामले में करीब एक दशक बाद जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने अलग-अलग रकबे की 50 से अधिक खतौनी को संदिग्ध मानते हुए क्रय-विक्रय पर रोक लगा दिया। उप निबंधक ज्ञानपुर राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि डीएम के आदेश का पालन शुरू हो गया है। गोधना गांव की संबंधित खतौनी की जमीनों का क्रय-विक्रय नहीं होगा।