ज्ञानपुर। पूर्व सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह के कार्यकाल से ठंडे बस्ते में पड़ चुकी निजी हास्पिटल की फाइल वर्तमान सीएमओ ने खोलने का संकेत दे दिया है। एक आंख की रोशनी और दूसरी आंख को बचाने में लाखों रुपये खर्च करने वाले फिरोज आलम निवासी माधोसिंह ने आरोप लगाया है कि वह 2020 से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को प्रार्थनापत्र देकर हास्पिटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हास्पिटल को सीज करने की मांग कर रहे हैं लेकिन अभी तक न पुलिस प्रशासन कुछ कर सका है न स्वास्थ्य विभाग।
शिकायत पर औराई थाने की पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की दो सदस्यीय जांच टीम सिर्फ जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट कहां है न अधिकारी जान सके हैं न पीड़ित। फिरोज ने बताया कि अस्पताल में आंख के मरीजों का इलाज सप्ताह में बृहस्पतिवार के दिन होता है। चिकित्सक आकर लगभग दो सौ मरीजों की जांच और इलाज कर चले जाते है। उसके बाद मरीजों को क्या दिक्कत होती है चिकित्सक से कोई लेना-देना नहीं रहता। अस्पताल में तैनात अप्रशिक्षित लोग मरहम-पट्टी लगाते और उतारते हैं जब मामला फंसता है तो पुन:जांच के लिए पीड़ितों को माधोसिंह से मिर्जापुर तक दौड़ाया जाता है। थक-हारकर फिरोज आलम चेन्नई में लाखों रुपये लगाकर भी आंख की रोशनी नहीं बचा सका है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने कहा कि मामला अब संज्ञान में आया है। अस्पताल की फाइल और पीड़ित मरीजों की जांच रिपोर्ट खंगालने के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।