ज्ञानपुर। 100 हेक्टेयर (400 बीघे) से अधिक जलक्षेत्र वाले समधा ताल में हरियाली बिखेरने की तैयारी शुरू हो गई है। ताल के किनारे-किनारे 22 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इससे यहां जैव विविधता के संरक्षण में मदद मिलेगी। पौधरोपण के लिए वन विभाग ने ताल के किनारे गड्ढों की खुदाई करानी शुरू कर दी है।
भदोही जिले में वन क्षेत्र शून्य है। तमाम प्रयास के बावजूद जिले में ट्री-कवर एरिया में मामूली बढ़ोतरी ही हो सकी है, लेकिन वन क्षेत्र का आंकड़ा अब भी वहीं का वहीं है। इसके पीछे सबसे प्रमुख वजह पौधरोपण के लिए स्थान की कमी मानी जाती है। वन विभाग इस समस्या से निपटने के लिए प्रयास करने का दावा करता रहता है। इस क्रम में औराई विधायक दीनानाथ भास्कर की ओर से पक्षी विहार के लिए प्रस्तावित विशाल समधा ताल को पौधरोपण के लिए चुना गया है। विशाल जलक्षेत्र में जैव विविधता के संरक्षण की कोशिशों में जुटे वन विभाग ने इस बार बारिश के सीजन में समधा ताल के किनारे-किनारे 22 हजार पौधे लगाने की योजना बनाई है। पौधे जुलाई में लगाए जाएंगे। इसके लिए ताल क्षेत्र में गड्ढे खुदाई का काम शुरू हो गया है। प्रभागीय वनाधिकारी आलोक सक्सेना के मुताबिक समधा ताल के किनारे-किनारे पौधरोपण कराने की योजना बनाई गई है। आने वाले जुलाई में विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण कराया जाएगा।
समधा ताल को पक्षी विहार के रूप में विकसित करने के लिए औराई विधायक दीनानाथ भास्कर ने बृहस्पतिवार को फिर शासन को पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि रिमाइंडर के तौर पर पत्र भेजा गया है। समधा ताल को पक्षी विहार बनाने की खातिर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। इस प्रस्ताव को मूर्त रूप दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उधर डीएफओ एके सक्सेना ने कहा कि समधा ताल को बर्ड सैंक्चुरी बनाने से जुड़ी बुनियादी पारिस्थितिकी मौजूद है।