जिला मुख्यालय पर बाढ़ आपदा कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी। संवाद
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ज्ञानपुर। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में परेशानी बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावितों को राहत देने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में कंट्रोल रूम खुला है लेकिन यहां पांच दिनों में एक भी शिकायत नहीं आई।
कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी बाढ़ प्रभावित गांवों के प्रधान और विभागों से संपर्क कर हालात की जानकारी ले रहे हैं।
कर्मचारियों ने दो दिनों में 26 प्रधानों से संपर्क किया। दो से तीन प्रधानों ने प्रभावितों को राहत शिविर में पहुंचाने की बात कही, जबकि शेष ने स्थिति सामान्य होने की बात कही। पहाड़ी क्षेत्रों में रही बारिश एवं बैराज से पानी छोड़ने के कारण गंगा का जलस्तर जिले में चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। इससे तटवर्ती कई गांव प्रभावित हुए हैं। आम लोगों को दिक्कत न हो, इसलिए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जहां तीन शिफ्ट में छह कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मंगलवार को कंट्रोल रूम की पड़ताल में पता चला कि पांच दिन पूर्व सक्रिय कंट्रोल रूम में एक भी शिकायत नहीं आई है। कर्मचारी ग्राम प्रधान संग पशुपालन, बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से वार्ता कर व्यवस्था के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
एसडीएम न्यायिक एवं नोडल अधिकारी शिव प्रकाश यादव ने कहा कि प्रशासनिक टीम सभी बाढ़ चौकी एवं गांवों में मौजूद है। यहां तैनात कर्मचारी सीमावर्ती गांव में प्रतिदिन रिपोर्ट ले रहे हैं।