ज्ञानपुर। भीषण गर्मी और उसम के बीच कालीन नगरी में बिजली की खपत रिकॉर्ड बढ़ गई है। 20 जून को 210 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई। यह मई से करीब 20 मेगावाट और जून 2025 से 50 मेगावाट ज्यादा है। बिजली की मांग बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर भी जवाब दे जा रहे हैं। एक अप्रैल से 20 जून तक कुल 296 ट्रांसफाॅर्मर जल गए। औसत देखा जाए तो हर दिन पांच ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब रिवैंप योजना से जिले में 137 से ज्यादा ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। भदोही, सुरियावां, चौरी, महराजगंज क्षेत्र में ट्रिपिंग की समस्या बढ़ गई है।
जिले में दो वितरण खंड ज्ञानपुर और भदोही के 29 उपकेंद्रों से दो लाख 50 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति होती है। ज्यादातर कनेक्शन धारक 25, 63 और 100 केवी वाले ट्रांसफाॅर्मरों से होने पर एलटी लाइन का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में कम क्षमता वाले ट्रांसफाॅर्मर अत्यधिक लोड सहन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में लोगों को रोस्टर, ट्रिपिंग समेत अन्य तकनीकी खामियों से अघोषित कटौती का भी सामना करना पड़ रहा है।
लोड बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर जलने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बिजली निगम ने जिले के 137 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई थी, तब भी ट्रांसफाॅर्मर फुंक रहे हैं। अप्रैल से ही बिजली व्यवस्था बेपटरी है। जिले में पिछले साल जून में 160 मेगावाट की डिमांड थी, जो इस साल बढ़कर 210 मेगावाट पहुंच गई। एसी और कूलरों की संख्या बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मरों पर लोड बढ़ रहा है। यही नहीं, ट्रांसफार्मरों से क्षमता से ज्यादा कनेक्शन दिए गए हैं। निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल में 69, मई में 126 और जून में अब तक 91 ट्रांसफाॅर्मर जल चुके हैं, हालांकि वास्तव में इनकी संख्या इससे कहीं अधिक है। वहीं, लोड बढ़ने से भदोही, चौरी, महराजगंज, सुरियावां आदि क्षेत्रों में ट्रिपिंग की समस्या भी बढ़ गई है।
चार महीने में बिजली खपत का आंकड़ा
माह - बिजली खपत
मार्च - 150 मेगावाट
अप्रैल- 160 मेगावाट
मई- 190 मेगावाट
जून- 210 मेगावाट
जिले में कुल 24 हजार ट्रांसफाॅर्मर
विद्युत निगम के ज्ञानपुर और भदोही डिवीजन में 29 उपकेंद्र हैं, जिनसे जुड़े फीडरों की संख्या 90 से अधिक है। मौजूदा समय में जिले में कुल 24 हजार 336 ट्रांसफाॅर्मर लगे हैं। अधिशासी अभियंता वर्कशॉप शुभेंदु शाह ने बताया कि औसतन पांच से छह जले ट्रांसफाॅर्मर रोज आ रहे हैं, जिनको 24 घंटे में भेजा जा रहा है। 110 ट्रांसफाॅर्मर अब भी स्टॉक में है। जरूरत पड़ने पर ओवरलोडिंग वाले स्थानों पर इन्हें शिफ्ट कराया जाएगा।
वर्जन-
गर्मी के कारण बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। 20 जून को सबसे ज्यादा 210 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई है। पहली बार इतनी मांग पहुंची है। डिमांड बढ़ने से ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। बेहतर आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है। - राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम