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बर्तन कारोबार को तीन करोड़ की चपत

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ज्ञानपुर/लालानगर। कोरोना वायरस महामारी के कारण जारी लॉकडाउन में बर्तन कारोबार को भी बड़ी चपत लगी है। शादी-विवाह के सीजन में अच्छी कमाई करने वाले बर्तन कारोबारी काफी चिंतित हो गए हैं। लॉकडाउन के चौथे चरण में राहत मिलने के बाद भी ग्राहकों की संख्या नाम मात्र के होने से कमाई भी नहीं हो रही।
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण 22 मार्च से ही देश में लॉकडाउन है। शुरुआती दो चरणों में सख्ती रही, हालांकि तीसरे और चौथे चरण में राहत मिली। अप्रैल-मई और जून में होने वाली अधिकतर शादियां या तो निरस्त हो चुकी हैं या सामान्य तरीके से हो रही हैं। इससे रिश्तेदार आदि के न आने से बर्तन की बिक्री भी न के बराबर हो रही है। दो माह से बंद बाजार में कारोबारियों के लिए निराशा ही है। जिले में 500 से अधिक छोटी-बड़ी बर्तन की दुकानें हैं। व्यापारियों की मानें तो सामान्य मांगलिक सीजन में प्रतिदिन पांच से 20 हजार तक की दुकानदारी होती थी, लेकिन अब 500 से 1000 तक नहीं पहुंच रहा। शादी विवाह को लेकर पूर्व से मंगाए बर्तन अब भी डंप पड़े हैं। दुकानदार दिन भर ग्राहकों के इंतजार में उनकी राह ताकते रहते हैं। वायरस के संक्रमण को लेकर लोग बाजारों का रुख कम कर रहे हैं। इससे बाजार में सन्नाटा पसर गया है।
बर्तन कारोबारी कमल कुमार ने बताया कि लॉकडाउन 63 दिनों से लगा है। एक महीने की पूर्ण बंदी से कारोबार को काफी नुकसान हुआ। तीसरे चरण में सहूलियत मिली, लेकिन ग्राहक ही नहीं आ रहे। 10 से 15 फीसदी तक ही व्यापार सिमट गया है। वहीं कारोबारी विनोद जायसवाल ने कहा कि लॉकडाउन ने बर्तन के व्यापार को तोड़ दिया है। सामान्य सीजन में 10 से 15 हजार का कारोबार हो जाता था, लेकिन अब एक हजार तक की दुकानदारी नहीं हो पा रही। सरकार कुछ सहूलियत दे तो स्थिति बेहतर हो।
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एक अन्य बर्तन कारोबारी विजय जायसवाल ने बताया कि लॉकडाउन ने बर्तन कारोबार ठंडा कर दिया है। सहालग के सीजन में अप्रैल से जून माह तक शादी ब्याह चलते हैं। इससे दुकानों पर खरीदारी बढ़ती है। लॉकडाउन के कारण बर्तन कारोबार को तीन से चार करोड़ का नुकसान हुआ। उधर, लॉकडाउन में मिली छूट पर कारोबारी संजय पांडेय ने कहा कि लॉकडाउन के तीसरे और चौथे चारण में प्रशासन की ओर से छूट दी गई, लेकिन ग्राहक ही दुकानों पर नहीं आ रहे। शादी-विवाह न होने से व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। जल्द ही व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो कारोबारियों को बड़ी दिक्कत होगी
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