ज्ञानपुर। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के आगमन के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से की गईं अस्थायी तैयारियां बृहस्पतिवार को सतह पर आ गईं। राज्यपाल के जाते ही ज्ञानपुर गेस्ट हाउस पर की गई उधार की साज-सज्जा संबंधित विभागों ने वापस ले ली और एक दिन पूर्व तक आनन-फानन में पेड़-पौधे लगाकर सजाया गया गेस्ट हाउस परिसर राज्यपाल के जाने के बाद बेनूर हो गया।
विभिन्न विभागों की मदद से सरकारी आयोजनों को अमलीजामा पहनाने की प्रवृत्ति का असर महामहिम के स्वागत-सत्कार और अन्य कार्यक्रमों पर भी रहा। लगभग एक से डेढ़ घंटे के राज्यपाल के कार्यक्रम के लिए गेस्ट हाउस को विभिन्न सजावटी पौधे, फूल-पत्तियां लगाकर आनन-फानन में तैयार किया गया था। फरमान मिला तो पौधों की तंगहाली से गुजर रहे उद्यान विभाग ने प्राइवेट नर्सरियों की मदद लेकर पौधों की व्यवस्था की। कुछ पौधे तात्कालिक तौर पर खरीद कर डाक बंगले में लगाए गए। बृहस्पतिवार को उद्यान विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर डाक बंगले में एक दिन पूर्व रखे गए गमले और सजावटी पौधों को कब्जे में ले लिया। उन पौधों को लेकर वे अपने विभाग कार्यालय में चले गए। इधर पेड़ पौधे से खाली हुआ डाक बंगला परिसर वीरान सा हो गया। यह नजारा देखकर उस रास्ते से गुजर रहे लोगों के मुख से बरबस ही निकल जा रहा था कि काश! ऐसे वीआईपी रोज आते तो गेस्ट हाउस के दिन भी बहुर जाते।