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बसपा नेताओं से मिलकर मेरे खिलाफ साजिश कर रही पुलिस

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ज्ञानपुर। गुंडा एक्ट की कार्रवाई शुरू होने के बाद ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने सोमवार को पुलिस पर हमला बोला। बसपाई नेताओं के साथ मिलीभगत कर उनके खिलाफ साजिश करने का पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें एडीजी वाराणसी की भी भूमिका है। नंद गोपाल नंदी पर हमले में जब मुझे फर्जी फंसाया गया था तो वह उस समय वह प्रयागराज में तैनात थे। कहा कि आगे पंचायत चुनाव है, इसलिए मुझे हटाने की साजिश रची जा रही है। जिला पंचायत सभागार में प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि बसपा के कुछ मौजूदा पूर्व मंत्री, विधायक और बसपा छोड़कर भाजपा में आए कुछ लोग मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। ऑडियो में जिस व्यवसायी को धमकी देने की बात कही जा रही है, उसे मैं जानता तक नहीं। वह हमारे एक मित्र के रिश्तेदार हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि इस ऑडियो को जिस तरह पुलिस ने संज्ञान लिया, उसी तरह इससे पहले पूर्व बसपा एवं मौजूदा भाजपा विधायक के बेटे का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री तक को अपशब्दों का प्रयोग किया गया था, उसे पुलिस ने स्वत: संज्ञान क्यों नहीं लिया। इसी जिले में अवैध स्लॉटर हाउस चलता था, जिसे बसपा का पूर्व पदाधिकारी चलाता था। इसमें बसपा नेता हिस्सा लेते थे, लेकिन आज तक इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई। क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं, इसलिए मुझे परेशान किया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान टोल प्लाजा पर फर्जी सॉफ्टवेयर लगाकर डेली बेसिस पर वसूली कर दी गई थी, जिसकी शिकायत हमने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की थी। उसके बाद एनएचएआई ने अपने कंप्यूटर और कैमरे को अपग्रेड किया। इससे केंद्र सरकार का राजस्व चार से पांच गुना बढ़ गया। हमने डीएम-एसपी से भी कहा था कि टोल में कई लोगों का पैसा लगा है, जो अवैध वसूली करते हैं। आज भी ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली हो रही है। जो लोग वसूली करते हैं, उनकी वर्दी, नाम, पता पुलिस के पास होना चाहिए, लेकिन सीओ ज्ञानपुर ने जांच में क्लीनचिट दे दी। क्योंकि टोल से पुलिस अधिकारियों को पैसा जाता है। पुलिस कहती है कि मैं टोल लेना चाहता था, लेकिन मैं साफ कर देना चाहता हूं कि न तो मैंने टोल का काम कभी किया न भविष्य में करूंगा। इसमें ट्रक चालकों को प्रताड़ित कर पैसा वसूला जाता है, जो मेरे स्वभाव में नहीं है। पुलिस ने मेरे 71 अपराधों की सूची मीडिया को दी है। लेकिन, उसमें से अगर 51 मामलों की भी एफआईआर उपलब्ध करा दे, जिनमें मैं नामजद हूं, तो देश छोड़ दूंगा। विधायक ने अपने ऊपर लगे चर्चित मुकदमों पर भी सफाई दी। कहा कि मुझे हर बार फंसाया गया।
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