सुरियावां। ब्लॉक के दर्जनों गांव में मंगलवार की सुबह आए आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई। तूफान का आलम यह रहा कि गांव के जितने भी मड़हे रहे, वह पूरी तरह से उजड़ गए। सौ से अधिक पेड़ उखड़कर गिर गए। भारी तबाही मचाने वाले तूफान की जद में आए छह लोग और दर्जनभर से अधिक मवेशी घायल हो गए। कई लोगों की गृहस्थी पूरी तरह से उजड़ गई। ग्रामीणों के अनुसार तूफान का असर आधे घंटे से 45 मिनट तक रहा। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान अप्रत्याशित था, जो अचानक हुए मौसम में परिवर्तन के कारण वायुमंडलीय दबाव के कारण आया। चक्रवात के साथ तेज बारिश ने ऐसी तबाही मचाई कि तूफान शांत होने के बाद का मंजर देखकर हर कोई दंग रह गया। सुरियावां ब्लॉक के अभिया बन, अभिया बाजार, पूरे मनोहर, तुलापुर, बहादुरान, हरिपुर, कीर्तिपुर, जगदीश राय, पूरे खुशहाल, पूरे दरियाव, तेजसिंहपुर, बहुता चकडाही सहित दर्जनभर गांव में मंगलवार की सुबह लगभग सात से आठ बजे के बीच तेज बारिश होने लगी। ग्रामीणों के अनुसार बारिश शुरू होते ही लोग बचने के लिए घरों और छप्परों की ओर दौड़े ही थे कि इतनी देर में तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते तूफान का रूप ले चुकी हवाओं ने तबाही मचाना शुरू कर दिया। एक के बाद एक धराशायी होते पेड़ और तेत हवाओं में लहराते टीन शेड और मड़हे देख गांव के लोग दंग रह गए। आंधी-तूफान के कारण दर्जनभर से अधिक विद्युत पोल धराशायी हो गए। इससे गांव की बिजली भी पूरी तरह से बाधित हो गई। आलम यह रहा कि बारिश और तूफान के बीच मड़हों के अंदर शरण लिए लोग जान के बचाने के लिए खुले की ओर भागने लगे। लगभग आधे घंटे से 45 मिनट तक चली तेज हवाओं ने अपने साथ कई लोगों की गृहस्थी उजाड़ ले गई। जब तक तूफान का असर शांत होता, तब तक डरे सहमे लोग भगवान का याद करते रहे। अमर उजाला की टीम गांवों में ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंची तो वहां का नजारा काफी डरावना था। गांवों की बस्तियां पूरी तरह से उजड़ गई थीं। भारी बरसात और तूफान के कारण सैकडों पेड़, छप्पर और पोल जमीदोंज हो गए थे। पूरे मनोहर निवासी रामचन्द्र मौर्य के मकान पर भारी पीपल और नीम के पेड़ गिर गए थे। इससे उनके मकान की बाउंड्री टूट कर गिर गई। वहीं, पास स्थित मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया और वहीं पेड़ की जद में आया ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया था। चक्रवात से अभिया निवासी पवन दुबे का टीन शेड 100 मीटर दूर जाकर गिरा था। वहीं इनकी भैंस घायल हो गई थी। अभिया पूरे मनोहर के प्रेम शंकर दुबे के कच्चे मकान पर पेड़ गिर गया, जिससे पूरी गृहस्थी उजड़ गई थी। गांव के ही राजकुमार गौतम के यहां रात में बरात आई थी। कस्तूरीपुर के टेंट संचालक का जनरेटर सहित पाइप, लाइट व गद्दे पूरी तरह से बर्बाद हो गए थे। तूफान शांत होने के बाद वे अपनी बर्बादी को साथियों के साथ समेटते नजर आए। इसी गांव के लालधर मौर्य के मकान पर विशालकाय पेड़ गिरा, जिससे उनकी भैंस घायल हो गई। गांव में दर्जन भर से अधिक पोल धराशायी हो गए थे। गांव के बनवासी बस्ती में सभाजीत और मोतीलाल बनवासी की पूरी गृहस्थी उजड़ गई थी। इसी तरह अभिया पूरे मनोहर के ग्राम प्रधान का टीन शेड उड़ कर दूर धराशायी हो गया था।
अचानक हुए वायुमंडलीय दबाव का रहा असरकृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि यह तूफान अप्रत्याशित था। जिले के उत्तरी छोर में दर्जनों गांव प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि बीते तीन से चार दिनों से मौसम सामान्य था और बारिश के कारण ठंडा हो गया था। सोमवार को अचानक से मौसम में परिवर्तन हुआ और तेज धूप निकल गई। इसी कारण हुए वायुमंडलीय दबाव का असर रहा कि जिले के कुछ इलाकों में अप्रत्याशित रूप से बारिश और तूफान का असर देखने को मिला।