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Bhadohi News: पीपा पुल धंसा, गंगा में गिरे गर्डर, स्लीपर और चकरप्लेट, आवागम बंद

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सीतामढ़ी। जिले के धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सीतामढ़ी और मिर्जापुर के मिश्रपुर गंगा में बना पीपा पुल मंगलवार मकर संक्रांति की सुबह मिश्रपुर की ओर धंस गया। इससे पीपा पुल को जोड़ने वाला गर्डर, चकर प्लेट, स्लीपर, सुरक्षावाल आदि भरभराकर गंगा में गिर गए। करीब 10 से 15 मीटर की लंबाई में पीपा पुल टूट गया है। जिसके कारण पीपा पुल पर आवागमन पूरी तरफ से बंद हो गया है।
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सीतामढ़ी-मिश्रपुर पीपा पुल इस वर्ष दो खंड में बनाया गया है। मिर्जापुर के मिश्रपुर घाट की ओर के पीपों पर सड़क से जोड़ने के लिए गंगा में बल्ली लगाकर सड़क का निर्माण किया गया था। सोमवार रात में गंगा का जलस्तर बढ़ने और धारा प्रवाह तेज होने से पानी में गाड़ी गईं बल्लियां मंगलवार सुबह अचानक धंसने लगी और देखते ही देखते चकर प्लेट, स्लीपर, गर्डर, आदि भरभरा कर पानी में गिर गया।
संयोग अच्छा था कि सुबह का समय होने के कारण वाहनों का आवागमन कम था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि जिस वक्त पीपा पुल पानी में गिरा उसी समय दो महिलाएं वहां से गुजर रही थीं, दोनों महिलाएं पानी में गिर गई थीं, जिन्हें लोगों ने आसानी से बचा लिया।
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पीपा पुल टूटने के दो घंटे बाद ही विभाग ने दो नौकाओं का संचालन शुरू करा दिया है। लोक निर्माण विभाग मिर्जापुर के पीपा पुल के अवर अभियंता बीसी राम ने कहा कि गंगा का जलस्तर में बढ़ने से पानी का बहाव तेज हो गया है। जिससे पानी मे गाड़ी गई बल्लियां धंस गईं। जिससे पुल को जोड़ने वाला गाटर टूटकर पानी मे गिर गया। कहा की दो से तीन दिन में पीपा पुल को चालू कर दिया जाएगा।
संयोग अच्छा था, हो सकता था बड़ा हादसा

सीतामढ़ी। संयोग अच्छा था जो मिश्रपुर-सीतामढ़ी पीपा पुल की सड़क सुबह के समय पानी मे गिरी। अगर यह घटना सुबह 10 बजे के घटती तो बड़ा हादसा हो सकता था। मकर संक्रांति पर्व पर सीतामढ़ी में गंगा स्नान दान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। इस मौके पर मेले का भी आयोजन होता है।
पीपा पुल के माध्यम से गंगा आर पार आने जाने वाले श्रद्धालुओं एवं मेलार्थियों की बड़ी तादाद होती है। अगर यह पीपा पुल टूटने की घटना 10 बजे के बाद होती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पीपा पुल टूटने के बाद भी हजारों की संख्या में लोग नौकाओं के माध्यम से सीतामढ़ी में गंगा स्नान, दर्शन, पूजन, दान-पुण्य कर मेले का आनंद लिया।
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