ज्ञानपुर। ठंड की आमद बढ़ते ही पुरानी चोटों का दर्द उभरने लगता है। इससे निजात पाने के लिए मरीज चिकित्सकीय सलाह पर दवा के साथ फिजियोथेरेपी करवाता है। जिससे उन्हें तत्काल आराम मिलता है, लेकिन जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपिस्ट का आलम यह है कि देरी से आना और जल्दी जाना दिनचर्या में शामिल है।
सोमवार को 1.46 बजे ही फिजियोथेरेपी कक्ष में ताला लगा रहा, जबकि ओपीडी का समय रोजाना सुबह आठ से दो बजे तक है। जिला चिकित्सालय के ओपीडी भवन के दूसरे मंजिला पर फिजियोथेरेपी कक्ष है। रोजाना 15 से 20 मरीज आते हैं। हाल ही में यह सेवा शुरू की गई है। फिजियोथेरेपिस्ट के लापरवाही से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सोमवार 1.46 बजे फिजियोथेरेपी कक्ष में ताला लगा रहा। जिससे कारण मरीज राम संजीवन, दयाशंकर, सुगना देवी आदि मरीज ओपीडी के तल मंजिला से ही गए।
सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि इस तरह की उदासीनता क्षम्य नहीं है। निर्धारित समय तक लोग ड्यूटी करें, मरीज बाहर खड़ा है तो उसे देखने के बाद ही उठंे। सीएमएस से बात की जाएगी। संवाद