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Bhadohi News: स्थायी स्लाॅटर हाउस में 16 सालों से ताला, अवैध तरीके से कटते हैं पशु

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भदोही के जमूंद मुहल्ले में बरामद मवेशीयों को शुपूर्द कराती पुलिस। संवाद
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भदोही। कोतवाली पुलिस द्वारा रविवार को तड़के जमुंद मोहल्ला स्थित कसाई टोले में की गई कार्रवाई के बाद सोमवार को मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच सड़क पर सामान्य आवाजाही लगी रही। वहीं मौके पर पुलिस भी तैनात रही। इस बीच नगर में स्लाॅटर हाउस के निर्माण को लेकर भी सवाल खड़े हुए। नगर में बना स्लाटर हाउस घनी आबादी में होने के कारण बीते 16 सालों से बंद पड़ा है।भदोही में पशु काटने और मांस बिक्री का इतिहास वर्षों पुराना है। हमेशा से यहां खुले में या तो अपने घरों में जानवर काट कर लोग दुकानों में मांस की बिक्री करते रहे हैं। इस बीच पूर्व पालिकाध्यक्ष स्व. लालता प्रसाद यादव ने शहर के बाहर जल्लापुर नई बस्ती में स्लाटर हाउस के लिए जमीन चिह्नित की थी लेकिन वहां स्लाॅटर हाउस बनते-बनते 12 वर्ष लग गए और इस दौरान लालता प्रसाद यादव दोबारा अध्यक्ष बने। उनके बाद फखरुद्दीन अंसारी और सुधा देवी पालिकाध्यक्ष पद पर काबिज हुईं लेकिन स्लाॅटर हाउस का निर्माण पूरा नहीं हो सका। वर्ष 2007 में मो. आरिफ सिद्दीकी अध्यक्ष बने तो उन्होंने स्लाॅटर हाउस को शुरू कराया। स्थानीय लोगों के अनुसार स्लाॅटर हाउस जब शुरू हुआ तो वहां घनी आबादी हो चुकी थी। वहां लोग स्लाॅटर हाउस का विरोध करने लगे। इसके चलते कुछ दिन स्लाॅटर हाउस का उपयोग हुआ और फिर बंद हो गया। तब से लेकर अब तक स्लाॅटर हाउस में ताला लगा है। स्लाॅटर न होने से भदोही में पशुओं के काटने और मांस बिक्री पर रोक लगी हुई है। कांग्रेस नेता हसनैन अंसारी ने कहा कि ऐसा कब तक चलता रहेगा। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि यहां स्लाॅटर हाउस का निर्माण कराकर नियमानुसार उसका संचालन कराकर शहर में मांस की बिक्री शुरू कराएं। भदोही कोतवाली पुलिस द्वारा कसाई टोले में बीते दो वर्षों में तीन से चार बार कार्रवाई की गई है। हालांकि इस बार की कार्रवाई काफी बड़े स्तर पर की गई है। पुलिस की कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही टोले में दुकानदार चोरी छिपे अवैध रूप से फिर जानवर काटकर मांस बेचना शुरू कर देते हैं। पुलिस हर 4-5 महीने में मुखबिर से सूचना बताकर वहां छापा मारती है। बरामद पशु और मांस जब्त कर लेती है। लोगों के खिलाफ मुकदमे भी लिखे जाते हैं। कुछ दिन तक वहां पुलिस तैनात रहती है और फिर धीरे-धीरे पुनः जानवर काटने और मांस की बिक्री शुरू हो जाती है। ऐसे में इसके स्थायी समाधान को लेकर लोगों ने सवाल उठाया।
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