लोगों का कहना है कि नगर पालिका की उदासीनता से लोग निजी पंप से पानी लेने को विवश हैं, लेकिन नगर पालिका ने अब तक सुधि नहीं ली है।
नगर के मोहल्ला गौरियाना में स्वीपर बस्ती से मार्ग नूरखांपुर, पचभैय्या और गौरियाना की ओर गया है। इसी तिराहे पर स्वीपर बस्ती है, जहां दो दर्जन घर हैं।
मो. सलीम, अन्नू, भोला, गुड्डू शेख, असगर आदि का कहना है कि तिराहे पर सड़क किनारे पालिका ने जब सबमर्सिबल पंप लगाया था तो कहा गया था कि अब पानी की समस्या दूर हो जाएगी।
लेकिन मुश्किल से सात माह तक सबमर्सिबल पंप से पानी मिलने के बाद वह खराब हो गया। इसके बाद उसे ठीक करने का प्रयास नहीं किया गया। । बताया कि मोहल्ले में लगा एकमात्र हैंडपंप खराब पड़ा है।
उसे भी ठीक करने का प्रयास नहीं किया गया। लोगों ने बताया कि सरकारी सबमर्सिबल पंप खराब होने के दिन से ही उनकी प्यास पड़ोस के ही एक निजी सबमर्सिबल पंप से बुझ रही है।
पानी लेने के लिए फिलहाल मारामारी की नौबत है। आरोप लगाया कि इस मामले में उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। पेयजल किल्लत के बारे में नगर पालिका के ईओ अली हसन ने बताया कि पालिका कार्यालय के बाहर से उधर जाने वी पाइप लाइन का वाल्व खराब चल रहा है। इससे दिक्कत हुई है। हालांकि पेयजल की यह समस्या संज्ञान में नहीं है। इसे दिखवाया जाएगा।