ज्ञानपुर। महाराजा चेत सिंह जिला चिकित्सालय में उपचार कराने आने वाले मरीजों को अब भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि जिला चिकित्सालय में मुख्य गेट सहित अन्य स्थानों पर संकेतक लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो 15 से 20 दिन में लग भी जाएगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, परिसर के अंदर कई जगह बोर्ड लगाए गए हैं लेकिन वे बोर्ड किसी को दिखाई नहीं देते हैं। बोर्ड ऐसे स्थानों पर लगे हैं जहां लोगों की निगाह कम पड़ती है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि चिकित्सालय में इंडिकेटर लगाया जाएगा। अमूमन यह देखा जाता है कि चिकित्सालय में मरीजों को जानकारी न होने के कारण इधर-उधर भटकना पड़ता है। जैसे ओपीडी, ब्लड बैंक, एक्स-रे, इमरजेंसी, एनआरसी, प्लास्टर कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, लैब, अल्ट्रासाउंड आदि की जानकारी के लिए किसी से पूछने की जरूरत नहीं होगी। इंडिकेटर के माध्यम से सीधे मरीज पहुंच सकते हैं। इसे अस्पताल के टर्निंग प्वाइंट पर लगाया जाएगा। बोर्ड लगने के बाद मरीज को उपचार कराने में आसानी होगी।
हर महीने दो लाख लोगों का होता है इलाज
करीब 20 लाख की आबादी वाले जिले में महाराजा चेत सिंह चिकित्सालय को ही जिला चिकित्सालय का दर्जा दिया गया है। यहां प्रतिदिन 600 से 700 मरीजों का उपचार होता है। इस तरह से करीब दो लाख मरीजों का हर महीने उपचार होता है। ओपीडी, इमरजेंसी, प्रसव से लेकर ऑपरेशन तक के कार्य किए जाते हैं।