ज्ञानपुर। दोपहर 12 बजकर 44 मिनट...जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंची अमर उजाला की टीम को प्रथम तल पर मरीज तो मिले, लेकिन चिकित्सकों का पता नहीं था। ठंड के बीच दूर-दूर से इलाज के लिए आए मरीज चिकित्सकों का इंतजार करते दिखे। कुछ ओपीडी पर्ची लेकर इधर-उधर भटकते दिखे। विभाग के अनुसार इस समय कई चिकित्सक छुट्टी पर हैं।
अमर उजाला की टीम ने सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर 1.30 बजे तक जिले के तीन बड़े अस्पतालों की पड़ताल की। अमर उजाला की टीम महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय और सरपतहां स्थित सौ शैय्या अस्पताल पहुंची। यहां घने कोहरे के कारण चिकित्सक के साथ मरीज भी देर से पहुंचे। 12.44 बजे जिला अस्पताल की ओपीडी के प्रथम तल पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. वर्तिका अग्रवाल, डॉ. प्रदीप सिंह का चेंबर खाली था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ये तीनों चिकित्सक छुट्टी पर चल रहे हैं।
विभाग के अनुसार अस्पताल के चार चिकित्सक अवकाश पर हैं।
ओपीडी भवन के प्रथम पर एक भी चिकित्सक नहीं बैठे। इस दौरान तमाम मरीज इधर-उधर ओपीडी की पर्ची लेकर टहलते मिले। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 540 मरीज पहुंचे। यही हाल मुख्यालय के पास स्थित सौ शैय्या अस्पताल का रहा। जहां कई चिकित्सक गायब मिले। सौ शैय्या में 60 मरीजों की ओपीडी रही। वहीं एमबीएम में 670 मरीज को देखा गया। अस्पताल पहुंचने वाले ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारी के आ रहे हैं। इनमें सर्दी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द, जकड़न, जोड़ों के दर्द के रहे।
ठंड से बचाव के पर्याप्त है व्यवस्था
तीनों अस्पताल परिसर में मरीज, तीमरदारों को ठंड से बचाने के लिए अलावा से की व्यवस्था की गई है, जो परिसर में 24 घंटे जलते रहते हैं, लेकिन सौ शैय्या अस्पताल में सुरक्षाकर्मी खुद लकड़ी की व्यवस्था करके अलाव जला रहे हैं। इसी तरह सभी चिकित्सकों के कक्ष में हीटर, ब्लोवर लगाया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी के सभी रुम में ब्लोवर लगाया गया है।
अलाव व हीटर से दूर होगी ठंड
चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल से चार चिकित्सक अवकाश पर है, एक चिकित्सक और कुछ स्वास्थ्यकर्मी की डयूटी रेडक्रास की ओर से आयोजित कैंप में लगाई गई। ओपीडी के प्रथम मंजिला पर सारे चिकित्सक मौजूद रहे। जिन्हें ने मरीजों की जांच पड़ताल कर दवाई उपलब्ध कराई। एबीएमस के सीएमएस डॉ. संजय तिवारी ने बताया कि ठंड से बचाव के व्यवस्थाएं पर्याप्त है। अलावा, हीटर की व्यवस्था की गई है। सौ शैय्या अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुनील पासवान ने बताया कि ठंड और कोहरे के कारण मरीजों की संख्या कम रही, जो मरीज आए उन्हें दवा दी गई।
जिला चिकित्सालय में आंख दिखाने के लिए आया, लेकिन आंख के डाक्टर नहीं मिले। पूछने पर पता चला कि एक छूट्टी पर है और एक कहीं कैंप में गये हैं। बंशीधर, चहरपुर ।
शाम होते ही आंख से धूमिल दिखने लगता है, वहीं दिखाने डाक्टर को आई थी, लेकिन मौके पर डाक्टर ही नहीं मिले। अब सोमवार को फिर दिखाने आऊंगी। सुनीता देवी, सरई राजपूतानी।
बच्चे के सर में कटूटा रोग लगा है, जिससे दिखाने डाक्टर को आई थी, लेकिन डाक्टर मौके पर नहीं मिले, ठंड बहुत है, घंटोभर डाक्टर का इंतजार करना पड़ा। उर्मिला, डुहिया।
सांस फुलने की दिक्कत पिछले कई दिनों से है। फिजिशियन को दिखाने के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचा, लेकिन वे मौके पर नहीं मिले। रामलाल गुप्ता ज्ञानपुर