ज्ञानपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथि भले ही अभी निर्धारित नहीं हुई, लेकिन प्रशासनिक स्तर से तैयारी को पूरा किया जा रहा है। आगामी पंचायत चुनाव के लिए छह ब्लॉकों में 20 मतदान केंद्र और सौ बूथ बढ़ गए हैं। आठ सौ मतदाताओं पर एक बूथ बनाया गया है। चुनाव ड्यूटी में लगने वाले कर्मचारियों की फीडिंग अंतिम दौर में पहुंच गई है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत हर पांच साल पर चुनाव होता है। 2015 में पंचायत चुनाव होने के बाद 2020 में प्रस्तावित था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण चुनाव कुछ महीने टल गया। 25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने पर प्रशासकों के हाथ में जिम्मेदारी सौंप दी गई। पंचायत चुनाव की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिले के छह ब्लॉकों की 561 ग्राम पंचायतों में होने वाले मतदान के लिए 678 मतदान केंद्र और 2010 बूथ बनाए गए हैं। 2015 में मतदान केंद्रों की संख्या 658 जबकि बूथ 1910 थे। सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानीय डीएस शुक्ला ने कहा कि पांच साल में एक लाख 16 हजार मतदाता बढ़ गए। आठ सौ मतदाताओं के लिए एक बूथ बनाया जा रहा है। जिससे 100 बूथ बढ़ गए।
उन्होंने बताया कि 1.16 लाख नए मतदाता बढ़ने से अब जिले में कुल 11 लाख एक हजार वोटर हो गए हैं। पहले नौ लाख 85 हजार मतदाता थे। उन्होंने बताया कि सभी विभागों की ओर से कर्मचारियों की फीडिंग कराई जा रही है। आयोग ने पखवारे भर की मोहलत दी है। कर्मचारियों की फीडिंग पूर्ण होने पर चुनाव ड्यूटी में लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 10 हजार कर्मचारी हैं। प्रशासनिक स्तर से कर्मचारियों की ड्यूटी तय की जाएगी।
नाम काटने, बढ़ाने का भी चल रहा खेल
ज्ञानपुर। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को खत्म हो गया है। अब आगामी चुनाव की तैयारी में निवर्तमान से लेकर अन्य लोग दावेदार हैं। सभी अपने-अपने हिसाब से चुनावी गोटी सेट करने में लगे हैं। बीएलओ, सुपरवाइजर से मिलकर नाम बढ़ाने और काटने का खेल तेजी से चल रहा है। तहसीलों में बड़ी संख्या में इसकी शिकायतें पहुंच रही है।