कारपेट सिटी क्रय केंद्र पर धान का तौल कराते किसान। संवाद
ज्ञानपुर। जिले में धान की खरीद जोर नहीं पकड़ पा रही है। करीब डेढ़ माह गुजर गए लेकिन क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद उम्मीद के हिसाब से नहीं हो पा रही है। खरीद बढ़ाने के लिए सात क्रय केंद्र बढ़ाए गए। अब तक 37 क्रय केंद्रों पर 53 हजार क्विंटल धान की खरीद हो सकी है, जो लक्ष्य साढ़े तीन लाख क्विंटल का 15 फीसदी ही है। विभाग को उम्मीद है कि फरवरी तक लक्ष्य के करीब पहुंच जाएंगे। रबी और खरीफ सीजन में शासन गेहूं और धान की खरीद करता है। इसके बाद किसानों को समर्थन मूल्य उनके खाते में ऑनलाइन भेजा जाता है। जिले में इस बार धान खरीद के लिए पहले 30 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि दिसंबर में उसे बढ़ाकर 37 कर दिया गया। साढ़े तीन लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य शासन से तय किया गया है। एक नवंबर से खरीद की शुरुआत हो गई। सोमवार 15 दिसंबर तक 53 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी थी। अभी तक विपणन के क्रय केंद्रों पर ही 40 हजार क्विंटल से अधिक खरीद हुई। 90 फीसदी तक खरीद हुई है। पीसीएफ, खाद्य विभाग और सहकारिता के केंद्रों पर उम्मीद के हिसाब से खरीद नहीं हो पाई है। क्रय केंद्र जंगीगंज में 5400 और जंगीगंज प्रथम पर 1650 क्विंटल धान खरीद हुई, जबकि दोनों केंद्रों पर 38 हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य है। केंद्र प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि मौसम की खराबी की वजह से किसान देर से क्रय केंद्र पर धान लाए। सोमवार को किसान रणदीप मिश्रा, आनंद शुक्ला, लालता यादव और ज्ञानेश तिवारी ने धान बेचा। जंगीगंज क्रय केंद्र पर धान रखने के लिए बोरी कम पड़ गई है। इससे किसान घर से बोरियां ला रहे हैं। दरवांसी के किसान धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार को ही धान केंद्र पर धान विक्रय किया है लेकिन बोरी न होने से अपनी ही बोरी में धान रखना पड़ा। केंद्र प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि बोरी मंगाई गई है। कार्पेट सिटी क्रय केंद्र पर अब तक 3344 क्विंटल की खरीदारी हुई है। केंद्र प्रभारी अनुपमा त्रिपाठी ने बताया कि किसानों के खाते में 48 घंटे के अंदर राशि पहुंच जाएगी। सोमवार को किसान मायाराम पटेल, श्याम बहादुर सिंह, राम बहादुर सिंह, विनोद कुमार सिंह और कृपा शंकर उपाध्याय ने धान बेचे।