ज्ञानपुर (भदोही)। प्रतिबंधित कफ सिरप कोडीन का कारोबार करने वाली जिले की पांच फर्मों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। औषधि निरीक्षक की संस्तुति पर विभाग के उच्चाधिकारियों ने कार्रवाई की। सभी फर्माें के क्रय-विक्रय पर भी रोक लगा दी गई है। फर्म संचालकों पर पहले ही प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। जिले में गठित एसआईटी के साथ कई राज्य स्तरीय एजेंसियां भी प्रकरण की जांच कर रही हैं। इससे प्रतिबंधित कफ सिरप के कारोबार में लिप्त संचालकों के साथ करीबियों की मुश्किलें भी बढ़नी तय हैं। प्रतिबंधित कफ सिरफ कोडीन की तस्करी कई प्रांतों में की गई है। वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, सोनभद्र, जौनपुर और भदोही की फर्माें ने अतरराज्यीय तस्करी के आरोपी शुभम जायसवाल की फर्म से 10 करोड़ से अधिक का लेनदेन किया है। 20 से 30 नवंबर के मध्य जिले में पांच फर्माें के पांच संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। प्रकरण की जांच एसटीएफ, ईडी समेत अन्य एजेंसियां कर रही हैं। भदोही जिले में एसआईटी भी जांच कर रही है। जांच के दौरान औषधि निरीक्षक कुमार सौमित्र ने कमियां मिलने पर सभी फर्माें के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए लाइसेंस के निलंबन की संस्तुति की थी। करीब एक सप्ताह बाद शासन के निर्देश पर पांच फर्माें के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें मेसर्स राजेंद्र एंड संस स्टेशन रोड परसीपुर चौरी, दिलीप मेडिकल स्टोर आजाद नगर नई बाजार, श्री गुरुदेव मेडिकल एजेंसी अमवा कला चौरी, महराजगंज तियुरी की ओपी फार्मा और मेसर्स महेेंद्र मेडिकल एजेंसी मर्यादपट्टी शामिल हैं। कोडीनयुक्त कफ सिरप और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित दवाओं को नशे के धंधेबाजों को बेच चुके मेडिकल स्टोर संचालकों को अब ग्राहकों का विवरण जुटाना भारी पड़ रहा है। औषधि निरीक्षक की तरफ से नोटिस जारी कर रिकार्ड मांगा गया है लेकिन अब तक उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। संचालकों की दिक्कत यह है कि जिस खरीदार का नाम, पता बताएंगे, उनका भी सत्यापन होगा। इससे पूरा खेल खुल जाएगा।