डीघ ब्लॉक के कोनिया क्षेत्र की राह अब आसान हो जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने सरायजगदीश हाल्ट फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए सर्वे रिपोर्ट सेतु निगम को भेज दी है। स्वीकृति मिलने पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो जाएगा। अगस्त में रेलवे, पीडब्ल्यूडी और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने सर्वे किया था।
वाराणसी रेल मंडल के अधीन माधोसिंह-रामबाग रेल खंड दोहरीकरण और विद्युतीकरण योजना में शामिल है, जिसका कार्य प्रगति पर है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन नाधिकृत फाटकों को बंद करने और अधिकृत फाटकों पर ओवरब्रिज निर्माण करा रहा है। करीब पांच वर्ष में अभी तक माधोसिंह फाटक पर ओवरब्रिज बनने का रास्ता साफ हुआ है। सवा अरब रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी सेतु निगम को मिल चुकी है। गत दिनों रेल खंड के कार्यों और सुरक्षा-संरक्षा का निरीक्षण करने आए संरक्षा आयुक्त मो.लतीफ खान, डीआरएम रामाश्रय पांडेय से स्थानीय लोगों ने गोपीगंज-मिर्जापुर रोड पर ककराही फाटक, गोपीगंज-रामपुर घाट पर केड़वरिया फाटक, कौलापुर-सेमराधनाथ मार्ग पर कौलापुर फाटक, जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग पर सरायजगदीश फाटक, ऊंज-कोइरौना मार्ग पर बसही पश्चिमी फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए सर्वे कराने का निर्देश दिया था। अधिकारियों ने रेलवे बोर्ड की सहमति पर ओवरब्रिज निर्माण का आश्वासन दिया था। सेक्शन इंजीनियर (कार्य) एमपी पाठक ने बताया कि माधोसिंह सेक्शन में सरायजदीश हाल्ट पर ओवरब्रिज के लिए गत दिनों संयुक्त टीम के साथ सर्वे किया था। एक सप्ताह पूर्व ही सर्वे रिपोर्ट सेतु निगम को भेज दिया गया है। चार चरणों में तकनीकी प्रक्रिया पर अंतिम मुहर प्रदेश स्तरीय समिति लगाकर वि त्तीय स्वीकृति देगी। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरु हो सकेगा।
50 हजार लोगों को मिलेगा लाभ,आवागमन में नहीं होगी परेशानी
जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग पर्यटक स्थल सीतामढ़ी, प्राचीन बाबा सेमराधनाथ धाम, तिलेश्वरनाथ धाम समेत कई अन्य प्रमुख स्थानों को जोड़ता है। कोनिया क्षेत्र के लगभग 47 गांव गंगा से सटे हैं। जहां से प्रतिदिन 50 हजार लोग वाराणसी-प्रयागराज मुख्य हाईवे, रेलवे स्टेशन, बाजार पहुंचते हैं। ट्रेन और मालगाड़ी के आने पर फाटक बंद होने पर आए दिन समय बर्बाद करना भारी पड़ता है। यही नहीं कभी-कभी दो से अधिक ट्रेनों के एक साथ गुजरने से जाम लग जाता है। कोइरौना निवासी बीआर पाल ने कहा कि सरायजगदीश हाल्ट पर ओवरब्रिज की जरूरत 15 वर्ष पहले ही महसूस होने लगी थी। जंगीगंज निवासी सोहनलाल ने कहा कि पूर्व में सिंगल ट्रैक, अब डबल ट्रैक का झमेला भी झेलना पड़ रहा है। अशोक कुमार ने कहा कि जंगीगंज-धनतुलसी मार्ग से प्रयागराज, मिर्जापुर पहुंचने वालों की संख्या अधिक इस लिए रहती है कि धनतुलसी गंगा घाट पर पीपा पुल बनता है। सरायजगदीश हाल्ट का ओवरब्रिज कोनि या के विकास का रास्ता भी खोलेगा।