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Bhadohi News: जिले के सात स्टेशनों में से केवल एक पर कोच इंडीकेटर, वह भी बंद

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ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने पर होती है भागदौड़। संवाद
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ज्ञानपुर। रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण के बीच व्यवस्थाएं अब भी अधूरी हैं। जिले की सात प्रमुख रेलवे स्टेशनों में केवल एक पर ही कोच इंडीकेटर लगा हुआ है। वह भी संचालित नहीं होता। ट्रेनों के आने के बाद यात्रियों की भागदौड़ बढ़ जाती है। दो मिनट के स्टापेज में कई बार अपना कोच ढूंढने में ट्रेन छूटने का भी डर होता है। आगामी दिनों में कोहरे के बीच कम दृश्यता होने पर कोच इंडीकेटर न होने से स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों की समस्याएं बढ़ेंगी।
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शासन की ओर से रेलवे स्टेशनों को अपडेट किया जा रहा है। अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से स्टेशनों पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जिले में भदोही, ज्ञानपुर रोड, सुरियावां, माधोसिंह, परसीपुर, जंगीगंज और मोढ़ जैसे रेलवे स्टेशन हैं। हालांकि इसमें भदोही, ज्ञानपुर रोड और सुरियावां जैसे रेलवे स्टेशन व्यवसायिक नगरों के पास होने के कारण काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन तीनों स्टेशनों पर बीते दो से तीन सालों में अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से काम भी कराए गए हैं, लेकिन अब भी यात्री सुविधाओं के नाम पर व्यवस्थाओं का अभाव है। इससे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। हर स्टेशनों पर कोच इंडीकेटर एक ऐसी व्यवस्था होती है। जिसके माध्यम से प्लेटफॉर्म पहुंचे लोगों को ट्रेनों में अपने कोच का सही पता चल पाता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में इसकी उपयोगिता इस लिहाज से भी बढ़ जाती है, क्योंकि अधिकतर लोग मोबाइल को लेकर अपडेट नहीं होते और उन्हें अपने कोच तक पहुंचने के लिए इंडीकेटर का ही सहारा लेना होता है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने ज्ञानपुर रोड, भदोही और सुरियावां रेलवे स्टेशन की हकीकत को देखा। जिसमें केवल भदोही में कोच इंडीकेटर लगा दिखा, लेकिन वह भी बंद था। ज्ञानपुर रोड और सुरियावां में तो कोच इंडीकेटर लगा ही नहीं था।
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तीन स्टेशनों से हर दिन यात्रा करते हैं 30 हजार लोग
भदोही, ज्ञानपुर रोड और सुरियावां रेलवे स्टेशन व्यवसायिक नगरों का स्टेशन होने के कारण सबसे प्रमुख है। जिसके कारण यहां एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों का स्टापेज होता है। जिससे कि यात्रियों के साथ व्यापारियों को भी सहूलियत मिल सके। भदोही से औसतन हर दिन करीब 10 से 12 हजार, ज्ञानपुर रोड से हर दिन 10 से 12 हजार और सुरियावां स्टेशन से हर दिन छह से आठ हजार लोग यात्रा करते हैं। देखा जाए तो इन तीन स्टेशनों से ही हर दिन 30 हजार लोग यात्रा करते हैं।
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भदोही स्टेशन : इस स्टेशन पर पूरे दिन में करीब 35 के आसपास ट्रेनों का स्टापेज होता है। जिसमें शाम को 6 बजे से सुबह 7 बजे तक अप डाऊन कुल 24 ट्रेनें हैं। जिसमें प्रतिदिन और साप्ताहिक, सप्ताह मे दो या फिर तीन दिन चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। इसमें प्रमुख रूप से छपरा-चेन्नई गंगा कावेरी एक्सप्रेस, हावड़ा-बीकानेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बनारस-आनंद विहार गरीब रथ एक्सप्रेस, ओखा-बनारस सुपर फास्ट एक्सप्रेस, नई दिल्ली-बनारस केवी एक्सप्रेस, आनंद विहार-पुरी नीलाचल एक्स्प्रेस, गोरखपुर-एलटीटी रत्नागिरी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें हैं। दो प्लेटफॉर्म हैं, लेकिन दोनों कोच इंटीकेटर नहीं जलते।

सुरियावां स्टेशन : इस स्टेशन पर पूरे दिन में करीब 26 ट्रेनों का स्टापेज होता है। जिसमें शाम से रात्रि भोर तक कुल छह ट्रेनें स्टेशन पर ठहरती हैं। जिसमें प्रमुख रूप से काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, बुंदेलखंड एक्सप्रेस, प्रतापगढ़ से वाराणसी पैसेंजर ट्रेन, कामायनी एक्सप्रेस, वाराणसी से प्रतापगढ़ जाने वाली पैसेंजर ट्रेन और इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन शामिल है। दो प्लेटफॉर्म, दोनों पर इंटीकेटर नहीं लगे हैं।

ज्ञानपुर रोड स्टेशन : इस स्टेशन पर दिन भर में करीब 42 ट्रेनों का स्टापेज होता है। जिसमें शाम से भोर तक कुल 27 ट्रेनों का स्टापेज है। जिसमें साप्ताहिक, प्रतिदिन और सप्ताह में दो से तीन दिन चलने वाली ट्रेनें हैं। इसमें प्रमुख रूप से पवन एक्सप्रेस, जन साधारण, स्वतंत्रता सेनानी, चौरी-चौरा, विभूति एक्सप्रेस, दानापुर एक्सप्रेस, उधना एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें हैं। दो प्लेटफॉर्म हैं, लेकिन दोनों कोच इंटीकेटर नहीं है।
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स्टेशनों पर क्यों जरूरी होता है कोच इंडीकेटर
-समय और भाग-दौड़ की बचत
-दुर्घटनाओं से बचाव
-बुजुर्गों और बच्चों के लिए आसानी
-ट्रेन के कोच की स्पष्ट जानकारी
-कम दृश्यता में भी कोचों की स्पष्ट हो सके जानकारी
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क्या बोले लोग
मुझे गुजरात जाना है। रिजर्वेशन कराया है। सेकेंड एसी का टिकट है। बैठकर इंतजार कर रहा हूं। कोच इंडीकेटर होता तो प्लेटफॉर्म पर उसकी के आसपास रहता है। अब देखते हैं, कहां बोगी मिलती है। - पांडु माली, ज्ञानपुर।

हमें उधना जाता है। कोच इंडीकेटर सबसे आवश्यक होता है, लेकिन वह इस स्टेशन पर नहीं है। अभी तो फिर भी ठीक है, लेकिन आगे जब कोहरे में दृश्यता कम होगी तो परेशानी और भी बढ़ेगी। - रामचन्द्र यादव, गोपीगंज।
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वर्जन
स्टेशन पर कोच इंडीकेटर को लेकर बीते साल ही प्रस्ताव भेजा गया था। उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया है। इस मामले में उनके निर्देश पर ही आगे काम किया जाएगा। - अरविंद कुमार, स्टेशन अधीक्षक, ज्ञानपुर रोड।
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स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तारिकरण का काम किया जा रहा है। वर्तमान में भी कुछ काम चल रहे हैं। कोच इंडीकेटर को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। - अमित कुमार, स्टेशन अधीक्षक, सुरियावां।

स्टेशन पर अभी निर्माण कार्य चल रहा है। जिसमें प्लेटफॉर्म विस्तारिकरण के साथ आधुनिक सुविधाएं विस्तारित की जा रही है। निर्माण कार्य के दौरान इसके केबल इत्यादि क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही इसे भी दुरूस्त कराया जाएगा। - कोमल सिंह, स्टेशन अधीक्षक, भदोही।

ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने पर होती है भागदौड़। संवाद

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