ज्ञानपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिसमें आए कुल 66721 मामलों में 63194 मुकदमों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। जिला जल दुर्ग नारायण सिंह ने लोक अदालत का जायजा लिया। उन्होंने भ्रमण कर समस्याएं भी सुनीं और न्यायिक अधिकारियों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण का निर्देश दिया।
कहा कि लोक अदालत मामलो के निस्तारण का सस्ता व समुचित साधन है। इसमें मामले निस्तारित किए जाते हैं। प्राधिकरण की सचिव अपर जिला जज निवेदिता अस्थाना ने बताया कि आपराधिक मामलों में 5,04,730 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। वहीं सक्सेसन के मामले में 18,19,789.55 रुपये का उत्तराधिकारी प्रमाण-पत्र जारी कर निस्तारित किया गया।
बैंक के प्रीलिटिगेशन के 802 मुकदमों में 5,29,76,549 रुपये वसूल किया गया। वहीं एनआइ एक्ट के मामले में 13,08,800 रुपये समझौता धनराशि व बिजली बिल बकाया के मामलों में 7,04,647 रुपये की समझौता राशि तय की गई। राजस्व के 38558 मामलों का निस्तारण कर 2,85,560 रुपये अर्थदंड की वसूली की गई। जिसमें जनपद न्यायाधीश ने दो मामले, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रत्नेश मणि त्रिपाठी ने 12 वैवाहिक मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी प्रकाश नाथ श्रीवास्तव ने 19, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबीहा खातून ने 6901, सिविल जज सीनियर डीविजन शहनवाज मोहम्मद सिद्दीकी ने 17, अपर जिला जज जूनियर डीविजन शिंजिनी यादव ने 3323, न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय अरिजीत सिंह ने 3310 मुकदमों का निस्तारण किया। लोक अदालत में अपर जिला जज (एससी/एसटी) अशद अहमद हाशमी, अपर जिला जज (पाक्सो) प्रथम मधु डोगरा व अपर जिला जज त्वरित न्यायालय द्वितीय लोकेश कुमार मिश्र ने प्रतिभाग किया।