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लक्षमणा में मिली धांधली, जारी की गई नोटिस

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ज्ञानपुर। औराई विकास खंड के लक्षमणा गांव के प्रधान और सेक्रेटरी की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। अफसरों की जांच में नाली, खड़ंजा, हैंडपंप रिबोर से लेकर शौचालय निर्माण में मनमानी पकड़ में आई। जांच रिपोर्ट के बाद डीपीआरओ ने प्रधान-सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एक सप्ताह में जवाब न देने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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राज्य और 14वें वित्त से गांवों के विकास के लिए सरकार लाखों रुपये दे रही है, लेकिन प्रधान, सेक्रेटरी से लेकर ब्लॉक स्तर के अफसर कमीशनखोरी की बहती गंगा में हाथ धोने से बाज नहीं आ रहे हैं। न तो मानक का ध्यान दिया जा रहा है न ही नियम कायदे का। लक्षमणा गांव के ग्रामीणों ने कुछ माह पूर्व जनता दर्शन में डीएम को प्रार्थना पत्र देकर विकास कार्यो में धांधली का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर जांच के लिए अवर अभियंता दयाराम और जिला अर्थ संख्या अधिकारी संतोष कुमार को नामित किया गया। दो अफसरों की टीम ने गांव में विकास कार्यो की जांच की तो गड़बड़ी की पोल खुल गई। पिचरोड से राजेंद्र दूबे के घर तक भूमिगत नाली और खड़ंजा निर्माण 17 मीटर अधिक बनी मिली। काशी के घर से नाली तक नाली निर्माण, विजयशंकर के घर से प्रेमशंकर के घर तक खड़ंजा निर्माण, पिचरोड से रमाशंकर के घर तक खड़ंजा निर्माण जनहित के बजाए व्यक्तिगत लाभ के तहत हुए मिले। इसी तरह दर्जन भर से अधिक खड़ंजा और नाली निर्माण में तय गाइडलाइन से विपरित काम मिले। शिवशंकर, कैलाशनाथ तिवारी और रमाशंकर दूबे के घर के पास हैंडपंप रिबोर भी मानक के विपरित मिला। टीम ने 12 बिंदुओं की शिकायत पर जांच की सभी मामले सही मिले। सबसे खास बात यह रही कि गांव में तालाब नंबर 165 पर दर्जन भर से अधिक लोगों का शौचालय बनवा दिया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने जांच रिपोर्ट आने पर प्रधान और सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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