ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने परिवादी के वाद को स्वीकार करते हुए सेवा में कमी करने पर प्रिंटर कंपनी को छह लाख 33 हजार रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। इसके अलावा 25 हजार का जुर्माना लगाया। दो माह के अंदर भुगतान न करने पर छह प्रतिशत ब्याज समेत धनराशि वापस करनी होगी। खमरिया के पकड़ीतर निवासी सत्य प्रकाश ने 17 अप्रैल 2025 को उपभोक्ता आयोग में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि वह अपनी फर्म डिजाइनर केयर के लिए शॉर्ट डिजिटल एकाउंट लेजर कंपनी के प्रबंधक रामकृष्ण मिश्रा निवासी नोएडा से सब्लीमेशन प्रिंटर खरीदने के लिए बात की। इसकी कीमत आठ लाख 73 हजार 200 रुपये तय की गई। उस मशीन पर एक साल की वारंटी भी थी। मशीन खरीदने के लिए अपनी बेटी के मोबाइल से 24 अगस्त 2024 को टोकन मनी के रूप में 11 हजार रुपये कंपनी को भेज दिए। एक अक्तूबर 2024 को मशीन लेने के लिए नोएडा गया। ड्राफ्ट के माध्यम से चार लाख देकर मशीन को घर लाया। उसके बाद 26 हजार रुपये किराये पर खर्च किए। मशीन को इंस्टाल करने के लिए कंपनी के इंजीनियर भेजने पर 62 हजार रुपये का भुगतान किया। प्रिंटर हेड बिना लगाए इंजीनियर चला गया। कंपनी को फोन किया तो कहा गया कि एक लाख भुगतान कर दो तो उसे लगवा दिया जाएगा। मैंने एक लाख का भुगतान भी कर दिया। उसके बाद इंजीनियर दोबारा आया लेकिन मशीन नहीं चल सकी। इंजीनियर के कहने पर मेन बोर्ड समेत अन्य उपकरण भी बदले गए। कुछ दिन बाद कंपनी के प्रबंधक ने 50 हजार और भेजने की बात कही। मैंने कंपनी के खाते से 50 हजार भेज दिए लेकिन उक्त मशीन नहीं चल सकी। इसके बाद कई बार फोन एवं पत्राचार किया गया लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। मैंने खर्च हुए छह लाख 33 हजार की मांग की लेकिन उसे भी वापस नहीं किया। परिवादी ने आयोग में वाद दाखिल कर खर्च छह लाख 33 हजार और क्षतिपूर्ति के लिए पांच लाख समेत 11 लाख 33 हजार दिलाने की मांग की। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य विजय बहादुर सिंह ने सेवा में कमी के कारण कंपनी को छह लाख 33 हजार और 25 हजार क्षतिपूर्ति का आदेश दिया। आयोग ने कंपनी को कहा कि आदेश की तिथि से दो माह के अंदर पूरा भुगतान करें अन्यथा छह प्रतिशत साधारण ब्याज समेत पैसे देय होंगे।