लालानगर/गोपीगंज। कानपुर के बिकरू में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद मुख्यमंत्री के ऑपरेशन क्लीन का असर जिले में दिख रहा है। 50 हजार के इनामियां को मुठभेड़ में ढेर करने के बाद स्वॉट और पुलिस टीम ने शनिवार को डी-5 गैंग के सदस्य और गैंगेस्टर के आरोपी अप्पू भाट को गिरफ्तार कर लिया। अब भी गैंग का एक सदस्य पुलिस की पकड़ से दूर है।
गुजरे एक दशक में हाईवे पर पशु तस्करी और वाहनों की चोरी को लेकर सक्रिय कुछ सदस्यों का डी-5 गैंग पुलिस महकमे में रजिस्टर्ड हुआ। सभी के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई भी हुई। प्रकरण में दो को पूर्व में ही पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी। कानपुर की घटना के बाद शासन के निर्देश पर जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया। शातिर अपराधी दीपक को मार गिराने के बाद पुलिस की निगाह मुख्तार गैंग के टॉप-10 अपराधियों संग डी-5 गैंग पर टिक गई थी। पुलिस लगातार डी-5 गैंग में शामिल शातिर बदमाश अप्पू भाट की तलाश करती रही। शनिवार को मुखबीर की सूचना पर गोपीगंज के बड़ागांव के पास दोपहर 12 बजे स्वॉट टीम और गोपीगंज पुलिस ने वांछित अप्पू भाट निवासी सरायजगदीश को अवैध कट्टा और एक जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ कई थानों में मुकदमा दर्ज है। पुलिस के मुताबिक आरोपी का हाइवे पर बड़ा नेटवर्क था। जिसके माध्यम से वह पशु तस्करी, वाहनों की चोरी करवाता था। गैंग का एक बदमाश अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। टीम में सचिन झा, दयाशंकर ओझा आदि रहे। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।