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खुले विद्यालय तो 10 महीने बाद लौटी रौनक

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कंपोजिट विद्यालय ज्ञानपुर में छात्रों के हाथ सैनिटाइज कराते शिक्षक। संवाद - फोटो : BHADOHI
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ज्ञानपुर। कोरोना संक्रमण काल के चलते लगभग 10 महीने बाद बुधवार को कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यालय भी खुल गए। इससे विद्यालयों का सन्नाटा दूर हो गया। विद्यालय परिसरों में चहलपहल बढ़ते ही उत्साह का माहौल देखा गया। हालांकि अभी कक्षाओं को 50 फीसदी क्षमता के साथ ही संचालित किया जा रहा है। दूसरी ओर नौ से ऊपर तक की कक्षाओं को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है।
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10 महीने बाद विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राओं का उत्साह देखने लायक था। अभिभावकों के सहमति पत्र लेकर पहुंचे छात्र-छात्राओं ने कक्षा में पहुंचकर संजीदगी से पढ़ाई की। इस दौरान ज्यादातर विद्यालयों में बच्चों कोविड-19 के दृष्टिगत गाइडलाइन का पालन कराया गया। ज्ञानपुर कंपोजिट विद्यालय में सुबह 10 बजे विद्यालय पहुंचे बच्चों को प्रधानाध्यापक अखिलेश यादव ने बच्चों का हाथ सैनिटाइज कराया। इसके बाद उन्हें सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए दूर-दूर बैठाया गया। लंबे अंतराल के बाद दोस्तो से मिले बच्चों में पहले दिन खासा उत्साह रहा। इसी तरह गोपीगंज के जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज में भी छात्राओं को बेसिक शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइन के मुताबिक कक्षा में बैठाया गया।
सातवीं कक्षा के छात्र सनीस ने कहा कि इतने दिनों बाद विद्यालय आने का मौका मिला। इससे अच्छा महसूस हो रहा है। छात्रा रोशनी ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही थी। इसलिए विद्यालय खुलना जरूरी था। सरकार ने विद्यालय खोलने का निर्णय लेकर अच्छा काम किया है। इसी तरह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि पहले दिन का अनुभव सकारात्मक रहा। ज्यादातर विद्यालयों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए विद्यालय संचालन किया गया।
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ज्ञानपुर। विद्यालय खुले तो पहले दिन उपस्थिति बेहद कम रही। छह से आठवीं तक की कक्षाओं को 50 फीसदी संख्या के साथ चलाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या आधे से भी कम रही। खास तौर पर छात्राओं की संख्या काफी कम देखी गई। माना जा रहा है कि धीरे-धीरे संख्या बढ़ेगी। यद्यपि ज्यादातर छात्र-छात्राएं बिना मास्क के पहुंचे थे। अधिसंख्य विद्यालयों में मेडिकल टीम भी नहीं पहुंची। बीएसए ने कहा कि जल्द ही छात्र-छात्राओं की संख्या में सुधार होगा। दरअसल अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर विद्यार्थियों को विद्यालय पहुंचना है। इस कोरम से भी थोड़ी बाधा आ रही है। फिर भी जल्द ही उपस्थिति में सुधार होगा।
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