कौलापुर। ज्ञानपुर ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र गहरपुर में घुनी दाल और एक्सपायर्ड तेल वितरण मामले की जांच तेज हो गई है। जांच अधिकारी एसडीएम न्यायिक शिवप्रकाश यादव ने बृहस्पतिवार शाम को गांव पहुंचकर लाभार्थियों के बयान दर्ज किए। दलित बस्ती की लाभार्थियों ने घुनी दाल और एक्सपायर्ड तेल दिखाए। कुपोषण खत्म करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती, धात्री और छह साल से छोटे बच्चों के लिए हर महीने पोषाहार दिया जाता है। इसमें चना, दाल और मीठा तेल भी शामिल है। गत शनिवार को आंगनबाड़ी केंद्र गहरपुर में लाभार्थियों को घुनी हुई दाल का वितरण कर दिया गया था। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई तो डीएम ने डीपीओ को जांच अधिकारी बनाया। इसमें डीपीओ ने शिकायत को ही फर्जी बता दिया। इस पर डीएम संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने प्रकरण की गहराई से जांच के लिए एसडीएम न्यायिक शिवप्रकाश यादव को नामित किया। बुधवार को मामले में जहां शिकायतकर्ता का बयान लिया गया, वहीं बृहस्पतिवार शाम को एसडीएम ने गांव में पहुंचकर लाभार्थियों से बात की। एसडीएम ने बताया कि जांच चल रही है। दो दिन में रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्र पर घुनी दाल और एक्सपायर्ड मीठा तेल वितरित करने का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक यह मामला पहुंच गया है। जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने बताया कि यह घटना निंदनीय है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं को सड़ा आहार दिया जाएगा तो उनका स्वास्थ्य खराब होगा। भ्रष्टाचार के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण को पूर्व मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया है।