अन्य सभी परिषदें पहले ही आनलाइन व्यवस्था को अपना चुकी हैं। कहा कि यह चुनाव प्रक्रिया न केवल आसान है, बल्कि इसमें सहूलियत भी है। इसलिए प्रत्येक निर्यातक मतदाता को इसमें आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए।
वे बृहस्पतिवार को एकमा और हैंडीक्राफ्ट एंड कारपेट सेक्टर स्किल काउंसिल के सहयोग से कालीन भवन में आनलाइन मतदान पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लिए आपके ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर परिषद में अपडेट होना आवश्यक है। परिषद शीघ्र ही इस संबंध में पत्रावली जारी करेगी। अधिशासी निदेशक शिवकुमार गुप्ता ने कहा हमारे रिकार्ड में अब भी 10 प्रतिशत सदस्य ऐसे हैं, जिनके ईमेल और मोबाइल नंबर गलत हैं। स्पष्ट किया कि इसके बगैर आपका आनलाइन मतदान संभव नहीं होगा। नई दिल्ली के एक साफ्टवेयर कंपनी के प्रतिनिधि दीपक ने आनलाइन मतदान प्रक्रिया पर प्रजेंटेशन देते हुए बताया कि यह न केवल बेहद सरल है बल्कि आप घर पर हों, दूसरे शहर में हों अथवा विदेश में वहीं से मतदान में भाग ले सकते हैँ। उन्होंने स्पष्ट किया जो सुरक्षा उपाय ऑनलाइन खरीदारी, भुगतान, इंटरनेट बैंकिंग, आईआरसीटीसी पर टिकट बनाने में उपयोग किए जाते हैं, वही सुरक्षा आपको प्रदान की जाएगी। एकमाध्यक्ष विनय कपूर ने जहां पूर्व सीईपीसी अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह की तारीफ की, वहीं परिषद के वर्तमान कामकाज पर कुछ सवाल भी उठाए। उन्होंने हर संभव सहयोग का वादा तो किया, लेकिन यह भी कहा कि हालिया गतिविधियों में सीईपीसी का पहले जैसा सहयोग नहीं मिला। परिषद के संस्थापक सदस्य मुस्तफा खां, परिषद के पूर्व अध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह और श्रीधर मिश्र, हाजी नसरुल्लाह अंसारी आदि ने विचार व्यक्त किए। इस मौो पर राजाराम गुप्ता, मिथिलेश सिंह, उमेश गुप्ता मुन्ना, घनश्याम शुक्ला, वासिफ अंसारी, अरशद वजीरी, संजय गुप्ता, शास्वत पांडेय, हाजी जलील अंसारी, अनिल कुमार सिंह, इस्तीयाक खां अच्छू, कमरुद्दीन अंसारी, एचएन मौर्य, हाजी अब्दुल हादी, जेपी गुप्ता, अशफाक अंसारी आदि मौजूद रहे।