सीतामढ़ी। गंगा का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बीते एक सप्ताह से लगातार जलस्तर घट रहा था, लेकिन रविवार की शाम से जलस्तर में चार सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। केन्द्रीय जल आयोग के मीटर गेज के अनुसार शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 75.80 मीटर दर्ज किया गया।
जिले में डीघ ब्लॉक का कोनिया इलाका सबसे अधिक संवेदनशील है। यह इलाका तीन ओर से गंगा से घिरा हुआ है। जिससे जब-जब जलस्तर में वृद्धि होती है, तब-तब छेछुआ भुर्रा और मवैया थानसिंह जैसे इलाकों में कटान की स्थिति बनती है। एक सप्ताह पहले तक गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे जलस्तर बढ़कर 78.20 मीटर तक पहुंच गया था, जो बीते साल के रिकार्ड को पार कर गया था। हालांकि एक सप्ताह से जलस्तर में लगातार गिरावट देखी जा रही थी। जिससे जलस्तर लगभग 75 मीटर के आसपास पहुंच गया था। पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के बाद रविवार की शाम से एक बार फिर से जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रशासनिक स्तर से तटवर्ती इलाकों में लगातार नजर रखी जा रही है। जिले में गंगा में चेतावनी बिंदु 80.20 मीटर और खतरे का निशान 81.20 मीटर है। एक्सईएन नहर सुधीर पाल ने कहा कि गंगा का जलस्तर फिलहाल बढ़ रहा है। जलस्तर 75.20 मीटर दर्ज किया गया है। तटवर्ती इलाकों में लगातार नजर रखी जा रही है।